तो इस वजह से मुंबई के बांद्रा में रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए हज़ारों लोग, फ़ैल गई थी ये अफवाह

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मंगलवार शाम को मुंबई के बांद्र रेलवे स्टेशन की तस्वीर और विडियो सामने आते ही कोहराम मचा गया. बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर ठीक वही नज़ारा था जो आज से 20 दिन पहले दिल्ली के आनंद विहार का नज़ारा था. आनंद विहार में भी लॉकडाउन का ऐलान होने के अगले ही दिन हज़ारों की संख्या में प्रवासी मजदूर आनंद विहार में जमा हो गए थे और आज जब लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का ऐलान हुआ तो बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर भी वही नज़ारा था. अब सवाल ये उठ रहे हैं कि जब 14 अप्रैल तक ट्रेन बंद है तो फिर हज़ारों लोग ट्रेन पकड़ने के लिए कैसे इकट्ठे हो गए. सवाल तो ये भी है कि जब इतने लोग इकट्ठे हो रहे थे तो पुलिस की नज़रों से कैसे बच गए?

कहा जा रहा है कि लोगों को मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ कि यूपी और बिहार के लिए ट्रेन चलने वाली है और ये मैसेज पढ़ कर हज़ारों लोग बांद्र स्टेशन के बाहर इकट्ठे हो गए. ये दावा किया है महाराष्ट्र भाजपा की नेता पूनम महाजन ने. उन्होंने सवाल किया है कि इसकी जांच होनी चाहिए आखिरकार ये मैसेज किसने भेजा और ये अफवाह कैसे फैली?

दिल्ली में भी ऐसी ही अफवाह फैली थी कि यूपी और बिहार के लिए आनंद विहार से बसें खुल रही है जिसके बाद हज़ारों की भीड़ आनंद विहार में इकट्ठी हो गई.अब महाराष्ट्र में भी वही अफवाह फ़ैल गई जिसके बाद सवाल के घेरे में महाराष्ट्र सरकार और इंटेलिजेंस विभाग है. इन सब के बीच जब महाराष्ट्र सरकार सवालों के घेरे में आई तो उद्धव ठाकरे के मंत्री आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर ठीकरा फोड़ दिया. जबकि प्रवासी मजदूरों के खाने और रहने के इंतजाम की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.

कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में ही सामने आये हैं. मुंबई कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है. ऐसे में एक अफवाह फैलना और उसके बाद लॉकडाउन को तोड़ते ही हज़ारों लोगों का इकठ्ठा हो जाना सरासर उद्धव सरकार की नाकामी को दर्शाता है.