हिंदुओ का मज़ाक उड़ाने के फेर में बुरे फंसे अभिनेता अरशद वारसी,सरेआम मांगनी पड़ी माफी

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मैंने एक किताब में पढा था कि अगर किसी को लोकप्रियता मिलने लगे तो उसको पचाना हर किसी के बस में नही होता। मुन्ना भाई एमबीबीएस, टोटल धमाल,डबल धमाल जैसी कई फिल्मों में काम कर चुके अरशद वारसी को अपनी लोकप्रियता शायद हज़म नही हुई और वो भी लग गए सोशल मीडिया पर रायता फैलाने में पर शायद वो भूल गए थे कि बदलते भारत की जनता उन्हें माफी मांगने पर भी मजबूर कर देगी।


दरअसल अरशद ने ट्विटर पर नागा साधु तस्वीर की एक तस्वीर पोस्ट की जिसमे नागा साधु के लिंग के नीचे एक व्यक्ति अपना सिर झुकाए हुए दिखाई दे रहा हैं। इस फ़ोटो के साथ अरशद ने मज़ाक उड़ाते हुए कैप्शन लिखा कि तो ये है डिक हेड करने का मतलब।
हिन्दू धर्म मे नागा साधु को बहुत पवित्र माना जाता है,कहा जाता है कि नागा साधु अपने घर परिवार की मोह माया से दूर रहते हैं और ऐसे में लोगो के भीतर उनके लिए आदर और सत्कार वाली भावना बढ़ जाती है। इसलिए लोग उनके आगे सिर झुकाते हैं। येहिंदुओ की आस्था है,संस्कार है। इसका मज़ाक उड़ाने का ना जाने क्या मतलब है ??  और ये जो तुम गलती करके माफी मांग रहे हो ना बॉस,हिंदुओ में इतनी सहनशीलता है कि शायद वो तुम्हे माफ कर भी दे पर वो घटना भी हमे भूले नही भूलती जब 7 जनवरी 2015 को फ्रांस के शार्ली एब्दो अखबार के दफ्तर में 12 लोगो को सिर्फ इसलिए मौत की नींद सुला दिया गया क्योकि उन्होंने पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून छाप दिया था। लोग चाहते तो उसको क्रिटिविटी के तौर पर देखकर इग्नोर कर सकते थे पर नतीजा….

 हिंदुओ की दरियादिली है कि वो तुम्हारी इस बड़ी गलती को भी सिर्फ छोटी बात मानकर माफ कर देंगे ।
मेरे समझ में ये नही आता कि हिंदुओं के रीति रिवाजों में भसड़ मचाने का तुम्हरा मकसद क्या है ?? क्या अपने धर्म से खुश नही हो ?? अगर वाकई समाज मे बदलाव के पक्षधर हो ही तो शुरुआत अपने धर्म से करो ना,कभी हलाला पर भी ट्वीट वीट करके बहन बेटियों को इंसाफ दिलाओ ना,कभी करो ट्वीट अपने धर्म की महिलाओं को मज़ार में प्रवेश दिलाने को लेकर। अगर नही ट्वीट कर सकते तो हिन्दू धर्म का मज़ाक उड़ाने वाले आप होते कौन हैं। आख़िर आप जानते कितना हो हिन्दू धर्म के बारे में ?

पर्सनल एंड होम केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कम्पनी ने भी अपने चाय के विज्ञापन में कुम्भ मेले को ऐसे दिखाया जैसे लोग वहां स्नान करने नही बल्कि अपने घर के बुर्जगों से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आते हैं।हिन्दू शांत रहते हैं और उसका फायदा आजकल के लोग अपने ब्रांड प्रमोशन के तौर बड़े मज़े में उठा लेते हैं पर लोग ना जाने कैसे भूल जाते है कि हिन्दू शांत जरुर होते हैं कमज़ोर नही वो जब जागते है तो नतीजे ये होते हैं कि अरशद वारसी जैसे लोगो को सरेआम माफी मांगनी पड़ जाती है। पहले रोज़ के करोड़ो रुपए कमा रही यूनिलीवर के प्रोडक्ट्स की बिक्री अचानक कम हो जाती है।


ये बदलता भारत है बॉस,लोग मौके पर चौका जड़ने में भरोसा रखते है। जो हमारे देश या धर्म के खिलाफ बोलेगा उसको कैसे बिना हिंसा के डोज देनी है ये यहां की जनता को बखूबी आता है। इसलिए आगे से जो भी बोले या लिखे उसको 20 बार अच्छे से सोच ले। वरना ऐसा ना हो जाए कि थोड़ी बहुत चलने वाली दुकान से भी बोरिया बिस्तरा उठाकर भागना पड़ जाए।