सत्ता के लालच में बुरी तरह फंसी शिवसेना, भाजपा से जोड़ तोड़ की कोशिश में

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महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच जब किसी भी तरह सरकार बनाने को लेकर सहमति नहीं बनी तो एनसीपी ने शिवसेना से गठबंधन की बातचीत शुरू की, शिवसेना ने मांग की कि पहली बार विधायक बने आदित्य ठाकरे को को मुख्यमंत्री बनाया जाए…

शिवसेना और एनसीपी की तरफ से सरकार बनाने से संबधित कई बयान आये…. लेकिन काफी दिन गुजर जाने के बाद भी दोनों ही दल कभी भी किसी एक फैसले पर एकमत नजर नहीं आ रहे थे… इसी बीच राज्यपाल ने घोषणा की कि राज्य में राष्ट्रपति शाशन लगाया जायेगा….शिवसेना जो एनसीपी के साथ गठबंधन करने के मुंगेरी लाल के सपने देख रही थी वो अब एनसीपी के नए बयान के बाद टूटते नजर आ रहे हैं….

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने शिवसेना को अंदर तक हिलाकर रख दिया है, संजय राउत का BP अब शायद लो हो रहा होगा…..  पवार ने सोमवार को मुलाकात के बाद कहा था कि मेरे और सोनिया जी के बीच न तो शिवसेना और न ही सरकार बनाने के बारे में कोई चर्चा हुई है…. पवार के इस हैरान कर देने वाले यू टर्न के बाद शिवसेना के बड़े नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता भी भ्रम में पड़ गए हैं… जैसे जैसे अब महाराष्ट्र में परिस्थितियां शिवसेना के खिलाफ होती जा रही हैं, वैसे वैसे पार्टी के अंदर से ही भाजपा के साथ जाने के लिए आवाजें उठनी शुरू हो चुकीं हैं……. बदलते सियासी हालात के बीच शिवसेना के नेता पर्दे के पीछे से कहने लगे हैं कि पार्टी को एनसीपी का साथ छोड़कर अब पार्टी को भाजपा के साथ आना चाहिए.. पार्टी की भलाई के लिए यही सबसे अच्छा होगा यदि वो अपनी विचारधारा वालों के साथ रहे… शिवसेना के वरिष्‍ठ कार्यकर्ता ने हाल ही में दक्षिण मुंबई में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि शिवसेना को कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन नहीं के मौके तलाशने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए और अगर हमारे भारतीय जनता पार्टी के साथ रिश्तों में सहजता नहीं रही है तो पार्टी को अकेले अपनी विचारधारा के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए
इन्हीं बयानों को मद्देनजर रखते हुए, सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे ने संजय राउत को पर्दे के पीछे चल रही बगावती राजनीति के उपर नजर बनाये रखने को कहा है…गौरतलब है संजय राउत ने सोमवार देर शाम एनसीपी प्रमुख शरद पवार से गुपचुप मुलाकात की थी… लेकिन इस मुलाकात में कुछ खास नहीं होने के संकेत आ रहे हैं जिसकी वजह से एनसीपी और शिवसेना के बीच किन समझौतों पर बात हुई है ये भी अभी तक साफ़ नहीं है;… उधर संजय राउत एक के बाद एक ट्वीट करके पता नहीं क्या साबित करना चाहते हैं क्यूंकि उनके tweets का मतलब निकालने के लिए आपको अपना सिर खपाना होगा.. कभी एनसीपी से पक्के गठबंधन की तरफ इशारा तो कभी हर विकल्प पर विचार करने की बात.. लगता है जैसे संजय राउत हड़बड़ी में कुछ भी बोले जा रहे हैं..