आखिर बाबा रामदेव कंफ्यूज और उनके भक्त इतने परेशान क्यूँ हैं ?

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देश-विदेश में योग गुरु और सफल व्यापारी बाबा रामदेव अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं . बाबा रामदेव इस वक्त अपने भक्तों को बहुत परेशान और कंफ्यूज किये हुए हैं। उनके भक्तों को समझ नही आ रहा है कि जब खाली समय मे उनके भक्त अपनी चौपाल लगाते हैं तो किस राजनीतिक पार्टी की तरफ से बातचीत करें । अब आप तो ये समझ ही सकते है कि शाम के समय टीवी पर चल रहे दंगल में पार्टी प्रवक्ताओं को विरोधी को जवाब देने की उतनी चिंता नही होती जितना आम लोगों को अपनी चौपाल में जवाब देने की होती है। काहे गलत कह रहे हैं का….?

बाबा रामदेव हो गये बहुत कंफ्यूज !


अब सुनो मुद्दे की बात, बाबा रामदेव पिछले कुछ समय से बेहद कन्फ्यूज दिखाई देते है, ये तो आपने भी देखा होगा। अब यहां ये समझना थोड़ा सा मुश्किल हो रहा है कि क्या बाबा रामदेव सच मे कन्फ्यूज हैं या वे भी भक्तों के साथ कोई खेल खेल रहे है। बाबा रामदेव के तेवर कभी बेहद तीखे हो जाते है तो कभी नरम। कभी सीधे हो जाते है तो कभी टेढ़े …. इन सभी आसनों से तो बाबा जी को तकलीफ नही होती है लेकिन तकलीफ होती है तो बाबा के भक्तों को….और बहुत तकलीफ होती है. अब आप सोच रहे होंगे कि तकलीफ किस बात की?


आखिर बाबा रामदेव को ऐसा क्यों बोलना पड़ा?

दरअसल अब बाबा रामदेव किसी भी पार्टी और नेता के समर्थन में सीधे बोलने से बच रहे है। वहीं दूसरी तरह अन्य नेताओं से भी मुलाकात करते आ रहे है जिससे उनके भक्त कंफ्यूज हो गए हैं. उन्हें चौपाल में जवाब देते नही बन रहा है. बाबा की वजह से उनके भक्त भी परेशान हो रहे हैं. बाबा ने हाल ही में बयान दिया है कि “जनता किसी राजनीतिक पार्टी की बपौती नही है”

हाँ ये बात तो सच कहा आपने बाबा जी, जनता तो किसी राजनीतिक पार्टी की बपौतीतो नही है लेकिन हाँ जनता किसी बाबा की बपौती भी तो नहीं है. किसी व्यवसायी की भी बपौती नहीं है. जनता किसी की भी बपौती नहीं है बाबा जी!
चलिए आगे बढ़ते हैं…. मंदिर के मुद्दे पर जवाब देते हुए बाबा रामदेव जी कहते है कि मंदिर अगर इस सरकार में नही बना तो नही बन पाएगा। बाबा जी आपकी पहुंच तो सीधे प्रधानमंत्री जी तक है तो मिलिए कभी ,बातचीत कीजिये और अपने भक्तों को बताइये मंदिर के मुद्दे पर पीएम ने क्या कहा है? अपने भक्तों को परेशान किये हैं, उन्हें जवाब देने में हिचकिचाहट हो रही है। आप एक बार उन बेचारों की परेशानी खत्म कीजिये। सभी लोगों का अपना नजरिया साफ़ होता है लेकिन आपके भक्त तो अभी तक कुछ सोच ही नही पा रहे हैं.

बाबा जी हम एक राय आपको एक दम मुफ्त में देना चाहते है जिससे आपके भक्तों की समस्या खत्म हो सकती है चलिए एक सभा का आयोजन कीजिये.. एक बयान और दीजिये और बताइये कि वे समर्थन करें तो किसका करें?
अब बाबा रामदेव जी को चाहिए कि वे जिस तरह हर मुद्दे पर अपनी राय रखते आ रहे हैं उसी तरह भक्तों के लिए भी एक बयान जारी करना चाहिए और अपने भक्तों को इस संशय से बाहर निकालना चाहिए.