औरंगाबाद में हा’दसे के बाद द’र्दना’क दृश्य, पटरी पर बिखर गई रोटियां, भूख मिटाने के लिए रोटी ले कर चल रहे थे मजदूर

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औरंगाबाद में द’र्दना’क हादसे के बाद घटनास्थल का मंजर बेहद खौ’फना’क था. पटरी पर बिखरी रोटियां, सामान और खू’न इस बात की गवाही दे रहे हैं कि घटना कितना भ’याव’ह था. मजदूरों ने सफ़र शुरू करने से पहले सामान के साथ रास्ते में अपनी भूख मिटाने के लिए रोटियां भी बाँध राखी थी लेकिन हा’दसे के बाद सब कुछ वहीँ रेलवे ट्रैक पर ही बिखर गया. घटना स्थल का मंजर इतना खौ’फना’क था कि किसी से देखा भी नहीं जा रहा था. रेलवे के आला अधिकारी और पुलिस घटनास्थल पर मौजूद हैं. लॉकडाउन की वजह से ट्रेनें बंद हैं लेकिन मालगाड़ी चल रही है. लॉकडाउन के तीसरे चरण में प्रवासी मजदूरों को घर पहुँचाने के लिएय श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत भी की गई. लेकिन ये 16 मजदूर अपने घर नहीं पहुँच सके.

मध्य प्रदेश के रहने वाले इन मजदूरों को औरंगाबाद से अपने गाँव की पर जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी. इसलिए ये पैदल ही अपने परिवार के साथ निकल पड़े. करीब 45 किलोमीटर का सफ़र तय करने के बाद जब ये थक गए तो रेलवे ट्रैक पर ही रात बिताने के लिए अपना बिस्तर लगा लिया. उन्हें कहाँ पता था कि वो हमेशा के लिए सोने वाले हैं. उनका सफ़र यहीं ख़त्म होने वाला है. सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर जब वो मजदूर गहरी नींद में सो रहे थे तब एक खाली मालगाड़ी उनके ऊपर से गुजर गई और घटनास्थल पर ची’ख पु’कार मच गई.

रेल मंत्री पियूष गोयल ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृ’त’क मजदूरों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने रेल मंत्री से बात कर घायलों की सहायता करने को कहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुःख जताया है और रेल मंत्री पियूष गोयल से बात कर हालात का जायजा लेने को कहा है.