एथेलेटिक्स कोच पुरुषोत्तम राय को आज मिलना था द्रोणाचार्य अवॉर्ड, अवार्ड मिलने से पहले ही दुनिया को कहा अ’लवि’दा

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आज खेल दिवस है. आज ही के दिन एथेलेटिक्स कोच पुरूषोत्तम राय को द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिलना था. लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था. वो कहते है कि किस्मत से ज्यादा और वक्त से पहले किसी को कुछ भी नही मिलता है. ऐसा ही कुछ पुरूषोत्तम राय के साथ भी हुआ. उनको आज खेल पुरस्कार मिलना था और उन्होने दुनिया को अ’लवि’दा कह दिया.

एथेलेटिक्स कोच पुरुषोत्तम राय का शुक्रवार को नि’ध’न हो गया. उन्हें लाइफटाइम श्रेणी में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था. राय 79 वर्ष के थे और उनकी मौ’त दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई. उन्होंने देश को कई बेहतरीन एथेलिट तैयार करके दिए. इनमें एमके आशआ, ईबी शयला, रोसा कुट्टी, अश्विन नचप्पा, मुरली कुट्टन,और जीजी परमिला जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. जिन्होंने अपने प्र’दर्श’न से देश का मान-सम्मान बढ़ाया.

राय को खेल मंत्रालय के इस बार के नए नियम से अवॉर्ड हासिल करने में आसानी हुई. इस बार खेल मंत्रालय ने अपने नियम में बदलाव किया है. जिसके अनुसार कोई खिलाड़ी और कोच खुद को अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट कर सकते थे. इस नियम की मदद से वो खेल मंत्रालय की नज़र मे आये और उन्हे द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए चुना गया है. इससे पहले बेंगलुरु के इस दिग्गज कोच का नाम स्टेट एसोसिएशन में हमेशा फं’स जाता था. लेकिन इस बार के बदले नियम के अनुसार उनको ये सम्मान दिया जा रहा है.

अवॉर्ड के लिए नामित होने के बाद राय ने एक अखबार से बात करते हुए कहा था कि  ‘इस अवॉर्ड ने मुझे संतोष दिया है क्योंकि मैंने बिना एसोसिएशन के इसे हासिल किया है. मेरे योगदान के लिए मुझे सम्मान दिया जा रहा है, मैं मंत्रालय के इस फैसले से खुश हूं.’