पीएम मोदी के स्वागत में असम ने मनाई दिवाली, वजह जान कर चौंक जायेंगे आप

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दो महीने पहले असम जल रहा था. वजह थी नागरिकता संशोधन क़ानून. विरोध प्रदर्शन इतना उग्र था कि पीएम मोदी को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ अपनी असम यात्रा रद्द करनी पड़ी थी. पूरे असम में केंद्र सरकार के नए क़ानून CAA को लेकर जबरदस्त गुस्सा था. लेकिन अब सब कुछ बदल चूका है. आज असम के कोकराझार में पीएम मोदी की रैली है और CAA के दर्द को भूल कर पूरा असम पीएम मोदी के इंतज़ार में पलकें बिछाए हुए है. इसकी वजह है बोडो समझौता.

पिछले महीने गृहमंत्री अमित शाह ने बोडो अलगाववादियों के साथ समझौता कर अलग बोडोलैंड के लिए दशकों से जारी हिं’सक लड़ाई का अंत कर दिया. इस समझौते के साथ ही अलग बोडोलैंड का मुद्दा हमेशा के लिए ख़त्म हो गया. इसलिए असम पीएम मोदी के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता.

गुरुवार को पीएम मोदी के स्वागत में असम के कोकराझार में दिवाली मनाई गई. सड़कें और घर मिटटी के अनगिनत दीयों से जगमगा उठे. प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर असम के लोगों में गज़ब का उत्साह है. ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन  (एबीएसयू) ने गुरुवार को कोकराझार में बाइक रैली निकाली और बोडो समझौते का स्वागत किया. कार्यक्रम में असम की विविधता भरी संस्कृति दिखाने के लिए विभिन्न जातीय समूहों के लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत करेंगे. इवेंट के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बोडो इलाकों कोकराझार, चिरांग, बाक्सा और उदलगुड़ी में 7 फरवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है. बड़ी संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लेकर जनसभा स्थल में पहुंच रहे हैं.