चाचा को गद्दार साबित करने के लिए चिराग का मास्टर प्लान, पिता के जन्मदिवस पर हाजीपुर से शुरू करेंगे ‘आशीर्वाद यात्रा’, पूरे बिहार से हो कर गुजरेगी ये यात्रा

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लोजपा में रार अब तक ख़त्म नहीं हुई है. पार्टी हाथ से निकल जाने के बाद भी चिराग पासवान ने हिम्मत नहीं हारी है और लोजपा पर कब्जे की लड़ाई अब भी जारी है. पार्टी पर अपनी पकड़ वापस पाने के लिए चिराग अब नयी रणनीति पर काम कर रहे हैं. उसी के तहत उन्होंने आज दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन किया. उन्होंने आज कार्यकारिणी की बैठक की और उसकी तस्वीरें मीडिया में जारी भी की. इस सबका मकसद बस ये था कि वो ये जाता सके कि भले ही चाचा ने गद्दारी की हो लेकिन पार्टी पर अब भी उनकी पकड़ है.

चाचा पशुपति परस ने सांसदों के साथ मिलकर पार्टी को अपने कब्जे में ले लिया और लोकसभा अध्यक्ष ने उनके गुट को मान्यता दे दी हो. पार्टी के चार सांसद पशुपति पारस के साथ चले गए. उन्होंने पारस को अपना नेता चुन लिया. पारस राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए और संसदीय दल के नेता भी बना दिए गए. लेकिन उनके लिए आगे की राह इतनी आसान नही क्योंकि चिराग समर्थकों ने अब सड़क पर उतर कर पशुपति परस के कदम का विरोध करने का फैसला कर लिया है.

चिराग पासवान ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए पूरे बिहार में आशीर्वाद यात्रा निकालने का ऐलान किया है. इस यात्रा की शुरुआत 5 जुलाई से हाजीपुर से होगी. 5 जुलाई को चिराग के पिता रामविलास पासवान की जयंती है और हाजीपुर उनका संसदीय क्षेत्र रहा है. हाजीपुर का प्रतिनिधित्व अब पशुपति परस करते हैं. अपनी आशीर्वाद यात्रा के जरिये चिराग अपने चाचा को गद्दार साबित करने की कोशिश करेंगे. चिराग पासवान ने कहा, ‘मेरे पिता की जयंती 5 जुलाई को है. मेरे पिता और चाचा अब मेरे साथ नहीं हैं. इसलिए हमने हाजीपुर से 5 जुलाई को ‘आशीर्वाद यात्रा’ निकालने का फैसला लिया है. यह यात्रा बिहार के सभी जिलों से होकर गुजरेगी. हमें लोगों के प्यार और आशीर्वाद की जरूरत है.’