दिल्ली के उपराज्यपाल ने पलटा अरविन्द केजरीवाल का तुगलकी फैसला, दिल्ली सबकी है, होगा सबका इलाज

कोरोना को लेकर दिल्ली में सियासत चरम पर है. बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ये ऐलान कर हंगामा मचा दिया कि दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली वालों का इलाज होगा. इस बात को लेकर अरविन्द केजरीवाल की खूब छीछालेदर हुई. इस फैसले को लेकर वो चौतरफा घिरे. अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के फैसले को पलट दिया है. उपराज्यपाल ने डीडीएमए चेयरपर्सन होने की हैसियत से संबंधित विभागों और प्रशासन को निर्देश दिया है कि बाहरी राज्य के किसी भी व्यक्ति को इलाज से मना न किया जाए.

उपराज्यपाल के इस फैसले से एनसीआर के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. अरविन्द केजरीवाल ने ये फैसला लेते हुए तर्क दिया था कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की बढती संख्या को देखते हुए दिल्ली वासियों को अस्पताल में बेड की कमी न हो. उन्होंने कहा था कि मार्च के महीने तक दिल्ली के सारे अस्पताल पूरे देश के लोगों के लिए खुले रहे. किसी भी समय दिल्ली के अस्पतालों में 60 से 70 फ़ीसदी लोग दिल्ली से बाहर के थे. लेकिन कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अगर दिल्ली के अस्पताल बाहर वालों के लिए खोल दिए तो दिल्ली वालों का क्या होगा?

इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार विपक्ष के निशाने पार आ गई थी. विपक्ष ने इसे तुगलकी फरमान करार दिया था. सोशल मीडिया पर भी अरविन्द केजरीवाल लोगों के निशाने पर आ गए. लेकिन अब उपराज्यपाल ने इस फैसले को पलटते हुये सबको बड़ी राहत दी है.

Related Articles