पांच सालों में इतनी बढ़ गई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की संपत्ति

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है. लम्बे इंतज़ार के बाद मंगलवार 21 जनवरी की शाम अरविन्द केजरीवाल ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया. अरविन्द केजरीवाल इस बार भी नई दिल्ली सीट से चुनावी मैदान में हैं. 8 फ़रवरी को दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर मतदान होना है. इस बार भी सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस में त्रिकोणीय मुकाबला है.

नामांकन के साथ साथ मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपना हलफनामा दाखिल किया जिसमे उनकी संपत्ति की भी जानकारी थी. अपने हलफनामा में केजरीवाल ने अपनी संपत्ति 3.4 करोड़ रुपये बताई है. जो 2015 के मुकाबले 1.3 करोड़ ज्यादा है. 2015 के विधानसभा चुनाव के वक़्त अरविन्द केजरीवाल ने अपनी संपत्ति 2.1 करोड़ बताई थी. मुख्यमंत्री रहते हुए अरविन्द केजरीवाल की संपत्ति में 1 करोड़ 30 लाख का इजाफा हुआ है.

साल 2015 में अरविन्द केजरीवाल के पास 2 लाख 26 रुपये कैश था, जो 2020 में बढ़कर 9 लाख 65 हजार हो गया है. अगर बात करें अचल संपत्ति की तो 2015 में केजरीवाल की अचल संपत्ति 92 लाख रुपये थी जो 2020 में बढ़कर 1 करोड़ 77 लाख रुपये हो गई. आम आदमी पार्टी का कहना है कि पिछले पांच सालों में संपत्तियों की कीमत में इजाफा के कारण उनकी संपत्ति में 1 करोड़ 30 लाख का इजाफा हुआ है.