केजरीवाल सरकार 70 में से 67 वादे पूरी करने में हो गयी नाकाम, सामने आई ये रिपोर्ट

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दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की पार्टी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में उतर चुकी है..हालाँकि पिछली बार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले केजरीवाल जी इस बार खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.. केजरीवाल जी के काम काज को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है.. इस रिपोर्ट के जरिये हम आपको समझाने की कोशिश करते हैं कि आखिर दिल्ली में काम कितना हुआ है?

पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (पीपीआरसी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली सरकार 70 में से 67 वायदों को पूरा करने में नाकाम रही है.. दिल्ली सरकार ने या केजरीवाल ने या फिर इनकी पार्टी ने स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर खूब प्रचार किया, बखान किया, गुडगान किया लेकिन हकीकत में तो सब इससे उल्टा दिखाई दे रहा है. पीपीआरसी के निदेशक डॉ. विनय ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार शिक्षा में सबसे बड़ा सुधार करने का दावा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि 500 नए स्कूल बनवाने का वायदा किया गया था जबकि केवल पांच फीसद स्कूलों में ही काम शुरू हो पाया है. वहीँ दिल्ली के स्कूलों से पास होने वाले बच्चों में से केवल 0.13 फीसदी  बच्चों को ही शिक्षा लोन दिया गया है। नए डिग्री कॉलेज के वायदे में से एक के लिए भी काम नहीं शुरू हुआ है जबकि टीचरों की जरूरत के आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।

कहा तो यह भी जाता है कि दिल्ली सरकार ने कुछ स्कूल बनवाये हैं जिनका जमकर प्रसार करती हैं सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होती हैं.. लेकिन दावा और वादा तो 500 स्कूल बनाने का था..
सीसीटीवी लगवाने के लिए दिल्ली सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया था लेकिन हैरान कर देने वाली बात है कि अभी तक इस पर काम तक शुरू नहीं हो पाया है.. वहीँ फ्री वाई फाई का वादा तो सिर्फ लुभावना वादा बनकर रह गया है.

स्वास्थ्य के मामले में दिल्ली सरकार का दावा भी खराब स्थिति में हैं. अस्पतालों में बिस्तरों को बढ़ाने के लिए किए गए वायदों में 60% से ज्यादा की पूर्ति नहीं की गई है.. वहीँ मोहल्ला क्लिनिक की चर्चा भी बहुत होती हैं लेकिन अधिकतर मोहल्ला क्लिनिक आवारा पशुओ और जानवारों का अड्डा बनकर रह गया है. आपको बता दें कि मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर दिल्ली सरकार खूब पैसा खर्च कर रही हैं. यहाँ आपको यह भी जानना जरूरी है कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से भी केजरीवाल ने दिल्ली वालों को बंचित रखा है. इस योजना का लाभ अभी तक पूरे देश से लगभग 20 लोग ले चुके हैं. इसमें पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में दिया जाता है. वहीँ लोगों की तरफ से पानी न मिलने और सीवर की गंदगी से मिले पानी मिलने की शिकायतों में पचास फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ये  रिपोर्ट दिल्ली सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही तैयार की गयी है.

अब आपको बताते हैं कि जब दिल्ली विधानसभा चुनाव हो रहे थे तब केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने 70 वादे किये थे और रिपोर्ट के अनुसार 70 में से सिर्फ 67 वादे पूरे किया जा सके हैं. एक बात और गौर करने वाली है कि दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं जिनमे से 67 आम आदमी पार्टी को मिली थी और 3 बीजेपी को…

 रिकॉर्ड सीट जीतने के बाद अभी आज केजरीवाल की हालत खराब तब दिखाई देती है जब वे अपने काम के दम पर नहीं बल्कि उस कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे थे जिसके खिलाफ आग उगलकर सत्ता में आये थे. भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन और लोकपाल की मांग करते हुए राजनीति में आये और अब आन्दोलन भी खत्म और लोकपाल भी.. वैसे अक्सर केजरीवाल जी का कहना होता है कि मोदी जी नहीं करने दे रहे हैं लेकिन मोहल्ला क्लिनिक से मोदी का क्या लेना देना? केजरीवाल जी को भी यह बात शायद समझ आ गयी होगी की वादा तो किया था लेकिन निभा नहीं पाया.. चलो कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हैं, लेकिन कांग्रेस ने भी लगभग नहीं पूरा ही मना कर दिया है..