कोरोना के कहर के बीच दिल्ली की केजरीवाल सरकार स्कूलों को दिया ये निर्देश

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कोरोना वायरस जम कर दुनिया भर में अपना कहर बरसा रहा है. जिसकी वजह से लोगो में इसको लेकर डर भी बना हुआ है. वही दूसरी तरफ लॉक डाउन होने की वजह से सारे कामकाज ठप हो गए है. जिसकी वजह से और दिक्कतें हो रही है. लेकिन कोरोना से बचने के लिए लॉक डाउन करना भी जरुरी था. इसी के बीच दिल्ली सरकार ने बच्चों की पढाई और अभिभावकों की शिकायत पर फैसला लिया है.

दरअसल आज के दौर में स्कूल की फीस काफी ज्यादा होती है और प्राइवेट स्कूल की फीस तो मानो आसमान छूने लगी है. इसी को देखते हुए दिल्ली के डिप्टी चीफ मिनिस्टर और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्चूलों के लिए कुछ निर्देश जारी किये है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सभी प्राइवेट स्कूलों की ज़िम्मेदारी है कि सभी टीच‍िंग, नॉन टीच‍िंग, कॉन्ट्रैक्ट या आउट सोर्स वाले स्टाफ की सैलरी समय से दें. इसके अलावा ये आदेश सभी प्राइवेट स्कूलों(सरकारी ज़मीनों अथवा प्राइवेट ज़मीनों वाले) पर लागू होंगे.

उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आदेश दिए हैं कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूल बिना सरकार से पूछे फीस नहीं बढ़ाएंगे. इसके अलावा वो बच्चों से एक साथ तीन महीने की फीस नहीं लेंगे, केवल एक महीने की ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं लेंगे. फीस न देने पर किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से नहीं हटाएंगे.

जाहिर है लॉक डाउन की वजह से काफी दिक्कतें हो रही है. कामकाज ठप होने की वजह से अभिभावकों के लिए बच्चों की एक साथ फीस देना मुश्किल है. ऐसे में अभिभावकों की चिंता को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है.