सेना ने जवानों को किया आगाह, “ओए सौम्या” से बचकर रहना

सेना के जवानों को हनी ट्रैप में फंसाकार उनसे खुफिया जानकारी निकलवाने के कई मामले सामने आ चुके हैं. सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम का अकाउंट या दुश्मन लड़कियों के माध्यम से सेना के जवानों को पहले अपने बातों में फंसाती हैं और फिर उनसे खुफियां जानकारियाँ निकलवाती हैं. लेकिन अब सेना इसको लेकर अलर्ट हो चुकी है. आर्मी इंटेलीजेंस ने सेना के सभी जवानों और अफसरों को एडवाइजरी जारी करके आगाह किया है कि वे इंस्टाग्राम पर सक्रिय प्रोफाइल ‘ओए सौम्या’ से सावधान रहें। सेना के साइबर के एक्सपर्ट का मानना है कि ये एक फर्जी अकाउंट है जो सिर्फ जासूसी के लिए बनाया गया है. । प्रोफाइल में सौम्या ने जो लिखा है वह कथित तौर पर सही नहीं है। वह दावा करती है कि वह कैप्टन पवन कुमार की बहन है और मुंबई में रिसर्च स्कॉलर है। सौम्य खुद को सेना का प्रशंसक बताती है और अपनी विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए उसने अपनी प्रोफाइल और फेसबुक व इंस्टाग्राम पर पैरा फोर्स के जवानों व अधिकारियों की कई तस्वीरें अपलोड कर रखी हैं. रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इस अकाउंट से किसी भी तरह की मेलजोल बढाने से बचना है ये दुश्मन की एजेंट हो सकती है.


आर्मी इंटेलीजेंस की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि यह प्रोफाइल भारत के सैन्य संस्थानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है, फिलहाल ये अकाउंट बंद है. जैसा कि हमने आपको शुरुवात में बताया कि दुश्मन आकर्षक प्रोफाइल बनाकर, प्यार भरी बातों में और ना जाने कितने तरीकों से जवानों को पहले अपने जाल में फंसाते हैं और फिर उनसे सेना की मूवमेंट के बारे में जानकारी हासिल करते हैं. अभी हाल में मतलब 16 मई को महू में तैनात बिहार के रहने वाले एक आर्मी क्लर्क को इसलिए हिरासत में लिया गया था क्योंकि उसपर आर्मी की लोकेशन, मूवमेंट और एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा करने का आरोप लगा था. इस जवान को भी फर्जी अकाउंट बनाकर हनी ट्रैप के जरिये फंसाया गया था.


लेकिन अब सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर जासूसों को लेकर सेना सतर्क हो गई है। इसी लिएसेना इंटेलीजेंस ने सभी जवानों और अफसरों को आगाह किया है कि वे इंस्टाग्राम पर सक्रिय प्रोफाइल ‘ओए सौम्या’ से सावधान रहें। सेना के साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि यह जासूसी के लिए तैयार किया गया एक नकली प्रोफाइल है
वैसे सेना के सभी जवानों को सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने के लिए मना किया जाता है, उन्हें दूर रहने की सलाह दी जाती है लेकिन कई बार सेना के जवान सोशल मीडिया पर एक्टिव पाए गये हैं और इसी का फायदा पाकिस्तानी जासूस उठाते हैं. लेकिन अब सेना जवानों को पहले से आगाह कर रही हैं.

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