लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच आर्मी चीफ एमएम नरवणे पहुंचे लेह

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लद्दाख में चीन के साथ तनाव चरम पर है. पैंगोंग सो झील के फिंगर रेंज में चीन बंकर बना रहा है साथ ही भारत के तीन इलाकों में उसने घुसपैठ भी की है. भारत ने LAC पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है और सेना को अलर्ट परे रखा गया है ताकि चीन के किसी भी कुटिल दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके. तनाव के इस माहौल के बीच आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने लेह का दौरा किया. आर्मी चीफ ने लेह स्थित 14 सैन्यदलों के मुख्यालय पहुंचे और उत्तरी कमांड के मुख्य अधिकारियों के साथ ताजा हालात पर चर्चा की.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘उपग्रह की निगरानी और खुफिया जानकारी से पता चला है कि चीन ने गालवान नदी के पास भारतीय गश्त बिंदु के पास सैनिकों के लाने-ले जाने और सामानों की सप्लाई के लिए क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण किया है. यह गालवान नदी श्योक नदी की सहायक नदी है. दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में 81 ब्रिगेड के अधिकारियों और उनके चीनी समकक्षों के बीच बैठकें हो रही हैं. दोनों पक्षों ने क्षेत्र में अपनी-अपनी सैन्य उपस्थिति भी बढ़ा दी है.’ डोकलाम के बाद भारत और चीन के बाद पहली बार इस स्तर तक तनाव बढ़ा है.

तनाव की ये स्थिति पिछले दो हफ़्तों से बनी हुई है. दो हफ्ते पहले ही भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित और बाल्टिस्तान को अपने मौसम बुलेटिन में शामिल किया है. गिलगित और बाल्टिस्तान में चीन सड़क निर्माण कर रहा है जो तिब्बत को सीधे पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ेगा और साथ ही अफगानिस्तान तक उसकी पहुँच भी आसान बना देगा. गिलगित और बाल्टिस्तान पर भारत के रुख को देख भड़का चीन लद्दाख में तनाव बना रहा है.