सेना के सम्मान के लिए भारतीय क्रिकेट ने पहनी आर्मी कैप लेकिन इनको बर्दाशत नही हुआ

भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 8 मार्च को एक दिवसीय मैच के तीसरे मुकाबले पुलवामा में वीरगति प्राप्त हुए सेना के जवानों और उनके परिवार के सम्मान में मिलिटरी कैप को पहना भारतीय टीम के इस कदम को सबके द्वारा सराहा गया है लेकिन कुछ लोगों से यह बर्दाशत नहीं हुआ इस मैच के खत्म होने के साथ ही न्यूज़ में एक हेडलाइन आई, “Indian team wearing Military Cap is a dangerous sign” जिसका अर्थ हुआ कि भारतीय टीम ने जो मिलिटरी कैप पहनी है वो एक खतरनाक निशान है

जाहिर है कि ऐसी हेडलाइन वाले आर्टिकल को अंदर तक पढ़ने का किसी का भी मन करेगा इस लेख में पहले बताया गया कि वीरगति को प्राप्त हुए जवानों के परिवार वालों की मदद के लिए टीम द्वारा मिलिटरी कैप पहनकर प्रचार करना आवश्यक नहीं था और बाद में इस लेख में भारतीय टीम के इस कदम को अंधराष्ट्रीयता से जोड़कर बताया गया

मिलिट्री कैप को पहनने का स्पष्ट अर्थ था कि भारतीय क्रिकेट टीम वीरगति प्राप्त हुए  CRPF के जवानों और उनके परिवार वालों के साथ खड़ी है जिससे अंदाजा लगाया जाए कि ऐसा कार्य को प्रचारित करने के लिए किया गया है यह कदम तो सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय रक्षा कोष में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास था

भारत में जिन दो चीजों को सबसे ज्यादा सराहा जाता है  एक भारतीय सेना और दूसरी भारतीय क्रिकेट टीम है सीमा पर सेना की कार्रवाई और पिच पर भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी के प्रदर्शन को लेकर लोगों में उत्साह बराबर ही देखने को मिलता है ऐसे में अगर भारतीय क्रिकेट टीम भारतीय सेना के साथ खड़ी दिखती है, तो इसमें कोई खतरे वाली बात नही है इस आर्टिकल में आगे कहा गया है कि आज से पहले कभी भारतीय क्रिकेट टीम ने इस तरह की ‘अंध-राष्ट्रीयता’ को अपने सर पर नहीं पहना था, लेकिन शायद लिखने वाले ये भूल गए हैं कि क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने हमेशा मैदान में अपने सिर पर तिरंगे को गर्व से सजाए रखा है

इसके बाद इस आर्टिकल में सवाल किया गया कि आखिर अब तक भारतीय टीम ने शिक्षा और अन्य जगहों में अपनी कमाई को क्यों नहीं दिया? मतलब दिक्कत इस बात से हैं कि जवानों के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में इतना प्यार क्यों है इसलिए याद दिला दें कि हाल ही में केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए भारतीय क्रिकेट टीम ने पूरे टेस्ट मैच में मिलने वाले रुपयों को दान में दिया था इसके अलावा टीम के खिलाड़ियों ने आम बच्चों और कैंसर पीड़ितों के लिए चैरिटी फुटबॉल मैच भी खेला था इस आर्टिकल में जिन खिलाड़ियों पर सवाल उठाए हैं वो शायद नहीं जानते कि इन खिलाड़ियों ने निजी स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन, नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर योगदान दिया है ऐसे लोगों को कोई लेना-देना नहीं हैं कि देश की सेना हमें सुरक्षित रखने के लिए किस तरह के प्रयास कर रही है एक मिलिट्री कैप को पहनना इनके लिए डरावना हो सकता है, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम ने सेना के सम्मान के लिए मिल्ट्री कैप को पहना ये हमारे लिए गर्व की बात है 

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