अनुराग कश्यप की चिट्ठियों से हुआ खुलासा, इस वजह से सरकार को गालियाँ देने लगे अनुराग

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CAA विरोध के नाम पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है. ये खुलासा उनके वर्ताव को लेकर है. अनुराग कश्यप CAA विरोध के नाम पर पीएम मोदी और गृहमंत्री अनुराग कश्यप समेत पूरी भाजपा को गालियाँ देते हैं. वो पीएम और गृहमंत्री को आतंकवादी तक कह देते हैं. लेकिन अब इस बात से पर्दा हट गया है कि वो ऐसा क्यों करते हैं?

कुछ चिट्ठियों से खुलासा हुआ है कि सरकार द्वारा उनकी फिल्मों को  अनुदान और सब्सिडी न दिए जाने के कारण उन्होंने सरकार को गालियाँ देनी शुरू कर दी. उत्तर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कुछ चिट्ठियों को मीडिया में जारी करते हुए खुलासा कर दिया.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने अनुराग के लिखे खतों ट्विटर पर जारी करते हुए ट्वीट किया, “पिटी हुई फिल्मों के लिए सरकारी भीख ना मिली तो अनुराग कश्यप कुंठित होकर गाली-गलौज पर उतर आए. कुछ सरकारें इनकी फ्लॉप फिल्मों पर भी करोड़ों देती थीं. यश भारती के पेंशन की शहद भी चटाती थीं. योगी जी ने मुफ्त की पेंशन बंद कर पैसा गरीबों, विधवाओं, किसानों में बांट दिया. यही चिढ़ है इनकी.” 

इन चिट्ठियों के माध्यम से अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्मों मुक्काबाज और सांड की आँख के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अनुदान मांगा था. लेकिन कई औपचारिकताओं के पूरी ना होने की वजह से योगी सरकार ने दोनों फिल्मों को अनुदान देने से इनकार कर दिया था.

इससे पहले जब प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब अनुराग कश्यप को उनकी फिल्म मसान के लिए 2 करोड़ का अनुदान मिला था. इसके अलावा तत्कालीन अखिलेश सरकार ने उन्हें यश भारती सम्मान से भी नवाजा था जिसके अंतर्गत उन्हें 50 हज़ार रुपये की मासिक पेंशन मिलती थी. लेकिन राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यश भारती सम्मान के अंतर्गत मिलने वाली पेंशन को ही ख़त्म कर दिया.