बॉलीवुड फिल्मों से हिंदू संस्कृति को बदनाम करने की हो रही है साज़िश?

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ट्विटर पर एक ट्रेंड चल रहा है #antihinduagendaofbollywood. आखिर ये है क्या. दरअसल, ये ट्रेंड तो काफी समय से चला आ रहा है. आप कुछ दशक पीछे की फिल्मे ही देख लीजिये जहाँ चच्चा हाकिम, मोलवियों को, पादिरयों को दयालु , अच्छे इंसान के रूप में दिखाया जाता था वहीँ साधु-संतों को, ज़मींदारों को कपटी बेईमान, खतरनाक रूप में दिखाया जाता था. किसी भी हिंदी गाने को मजाक के तौर पर दिखाया जाता था,लेकिन वहीँ अगर उस गाने में उर्दू के अल्फाज़ों का इस्तेमाल किया जाता था तो उस गाने को अच्छे और सुंदर तरीके से दिखाया जाता था.

बॉलीवुड द्वारा लोगों को ये दिखाकर मीठा जहर पिलाया गया जिससे ये साफ़ है कि बॉलीवुड हिंदू संस्कृति को नुकसान पंहुचा रहा है. बड़े पर्दे के साथ साथ छोटे पर्दे पर भी ये ट्रेंड चला रहा है , जहाँ एक चैनल राधा कृष्ण कि कहानी को गलत तरीके से दिखा रहा है.इस सीरियल में श्रीकृष्ण को मनचला दिखाया गया है. एक फ़्लर्ट करने वाले व्यक्ति के रूप में दिखाया गया. लेकिन सच तो ये है कि उन्होंने जो भी लीलाये की वो बाल्यावस्था में की थी, पर सीरियल में कुछ और ही दिखाया गया है. फिर भी इसका किसी ने विरोध नहीं किया. ऐसे सीरियल और फिल्में दिखाकर हिन्दुओं के दिमाग में स्लो पाइजन भर दिया गया है.राम लीला फिल्म में राम के करैक्टर को भी गलत तरीके से दिखाया गया था. और लोगों ने एसी फिल्मो को काफी पसंद भी करा.

फिल्म जोधा-अकबर में, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था, अकबर की कोई डार्क साइड नहीं दिखाई गयी. लेकिन इस पर कोई कुछ नहीं कहता. बाजीराव मस्तानी में भी मस्तानी को बहुत सीधा दिखाया गया, लेकिन असल में मस्तानी बहुत सख्त और राजा के हर फैसले में दखल अंदाजी करती थी.

ये एक शर्मनाक बात है कि प्रियंका चोपड़ा के शो “क्वांटिको” में हिंदू आतंकवाद की कहानी दिखाई गई. और पाकिस्तान को पीड़ित के रूप में दिखाया गया. फिल्म केदारनाथ में भी लव जेहाद को बढ़ावा दिया गया. और लोगों ने उसे काफी पसंद भी करा. अगर आप सिनेमा को देश का आइना बोलते है तो समाज में तो हर धर्म के लोग होते है और आप सच में बदलाव चाहते है तो सभी धर्मो के बारे में दिखाना भी चाहिए. लेकिन सिर्फ एक धर्म को टारगेट करके और दुसरे धर्मो को नज़रंदाज़ करते है तो इससे देश में बदलाव नही विद्रोह होगा.