बुरे फंसे भूमाफिया आज़म खान, जमीन कब्जाने पर लगा इतने करोड़ का जुर्माना

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उत्तर प्रदेश की सियासत में कभी आज़म खान की तूती बोलती थी लेकिन आज वही आज़म खान मुश्किल में हैं . जिस रामपुर में आजम खान की मर्ज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता था उन्ही आज़म खान के खिलाफ उसी रामपुर के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है और आज़म एक के बाद एक मुसीबतों में फंसते जा रहे हैं . भूमाफिया घोषित किये जाने के बाद अब तक उन पर 27 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. और अब भी रोज उनके खिलाफ नयी नयी शिकायतें आ रही है . पीड़ित लोग भी उनके खिलाफ सडकों पर उतर आये हैं .

रामपुर में मौलाना मोहम्मद जौहर अली यूनिवर्सिटी को लेकर उपजिलाधिकारी ने बड़ा आदेश दिया है. उपजिलाधिकारी प्रेम प्रकाश तिवारी ने यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अनाधिकृत कब्जा हटाने को कहा है साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में आजम खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. उप जिलाधिकारी सदर न्यायलय ने यह भी आदेश दिया है कि कब्जा मुक्त होने तक 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन के अंदर वादी लोक निर्माण विभाग में जमा कराए.

क्या है पूरा मामला

रामपुर के करीब 26 किसानों ने आजम खान पर 5 हजार हेक्टेयर जमीन हड़पकर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में इस्तेमाल करने का आरोप है . किसानों ने आरोप लगाया कि उनसे जाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए प्रताड़ित किया गया . उम्होने रातों रात हमारी ही जमीन से हमें बेदखल कर दिया . जबकि आज़म खान का कहना है कि उन्होंने किसी की जमीन नहीं कब्जाई है . यूनिवर्सिटी के लिए लोगों ने उन्हें जमीन दी और उन्होंने उचित रूप से सबका पेमेंट किया . आज़म खान के खिलाफ जमीन कब्जाने के आरोपों पर गृह मंत्रालय ने भी संज्ञान लिया है . इस मामले में आजम खान के खिलाफ एसआईटी जांच जांच कराई जा रही है .