पैसों के अ’वैध लेन देन मामले में सामने आया धोनी की पत्नी साक्षी का नाम

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वर्ल्ड कप क्रिकेट ख़त्म होने के बाद से ही महेंद्र सिंह धोनी सुर्ख़ियों में है . पहले तो अपने संन्यास की अटकलों की वजह से सुर्ख़ियों में थे .अटकलें लगाईं जा रही थी कि अब धोनी संन्यास ले लेंगे . अभी ये चर्चाएँ पूरी तरह से ख़त्म भी नहीं हुई कि धोनी का नाम एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया .लेकिन इस बार वजह कुछ और है. आम्रपाली बिल्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अचानक से धोनी और उनकी पत्नी चर्चा के केंद्र में आ गए और इन चर्चाओं का कारण है एक रिपोर्ट जिससे सीधे सीधे साक्षी के जुड़े होने की ख़बरें आ रही है .

23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आम्रपाली के अधूरे पड़े फ्लैट्स को एनबीसीसी पूरा करेगा. जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया ठीक उसी दिन आउटलुक एक्सप्रेस में एक रिपोर्ट छपी . इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि आम्रपाली के मालिकों ने घर खरीने वालों के पैसे अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने के बजाये  गलत तरीके से आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और रीती स्पोर्ट्स मैनेजेमेंट प्राइवेट लिमिटेड में इन्वेस्ट किया गया .

फॉरेंसिक ऑडिटर्स पवन कुमार अग्रवाल और रवींद्र भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि आम्रपाली ने जो पैसा होमबायर्स से घर के नाम पर लिया उसे अ’वैध तरीके से माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और रीती स्पोर्ट्स मैनेजेमेंट प्राइवेट लिमिटेड में डायवर्ट कर दिया गया . धोनी की पत्नी साक्षी आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक हैं जबकि रीती स्पोर्ट्स में भी उनकी बड़ी हिस्सेदारी है .

धोनी खुद 2016 तक आम्रपाली के ब्रैंड अम्बेसडर थे लेकिन आम्रपाली पर जब धोखाधड़ी के आरोप लगने शुरू हुए तो धोनी को उससे सम्बन्ध तोड़ने पड़े . सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिपोर्ट से साफ़ है कि साक्षी धोनी को नगद रकम दी गई . रिपोर्ट के अनुसार आम्रपाली ग्रुप ने 2009 से लेकर 2015 के बीच रीती स्पोर्ट्स को 42.22 करोड़ रुपये दिए . हालाँकि अभी तक ये साफ़ नहीं है कि रीती स्पोर्ट्स को इतनी बड़ी रकम किस लिए दी गई क्योंकि अभी तक इस लेनदेन से सम्बंधित दस्तावेज कोर्ट के सामने प्रस्तुत नहीं किये गए हैं .