पश्चिम बंगाल में अम्फान का बरसा क’हर, सरकार ने मांगी सेना की मदद

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एक तरफ पश्चिम बंगाल कोरोना महा’मारी से ल’ड़ रहा है. दूसरी तरफ अम्फान तूफान के आने से स्थिति ख़’राब हो गयी है. वही कल पीएम मोदी ने तूफान से हुए नु’कसान ग्र’स्त इलाके का दौरा किया और 1000 करोड़ रूपये की  मदद का ऐलान किया. वही राज्य में बिजली-पानी की आपू’र्ति और राहत कार्य को लेकर प्र’दर्शन शुरू हो गए हैं. पश्चिम बंगाल सरकार, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत कार्य में लगे हैं और इसी के बीच राज्य ने सेना की मदद की गुहार लगायी है.

वही इस मामले पर गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा राज्य सरकार 24X7 राहत कार्य और जरूरी चीजों की बहा’ली में लगी है. राज्य सरकार ने सेना की मदद मांगी है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है. साथ ही रेलवे, पोर्ट और प्राइवेट सेक्टर से भी मदद मांगी गई है.

इसके साथ ही ओडिशा के विशेष राहत आयु’क्त प्रदीप जेना ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राहत कार्य में ओडिशा भी मदद करेगा. उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ने पश्चिम बंगाल में गिरे पेड़ों को ह’टाने, रोड क्लि’यर करने और अन्य राह’त कार्य के लिए ओडिशा डिजास्ट’र रै’पिड ऐ’क्शन फो’र्स के 500 जवा’न और फा’यर डि’पार्टमेंट के 500 कर्मी’ भेजने का फैसला लिया है.

इसके अलावा सरकार ने कहा कि पीने के पानी की व्यव’स्था और ड्रे’नेज इन्फ्रा’स्ट्रक्चर को सुधारना ही हमारी पहली जिम्मे’दारी है. जहां पर जरूरत है वहां जेनरे’टर लगाए जा रहे हैं और जहाँ पर चक्र’वात में जो पेड़ गिरे हैं उन्हें ह’टवाने के लिए कई विभा’गों की मदद ली जा रही है.

जाहिर है पश्चिम बंगाल में कोरोना की वजह से स्थिति काफी ज्यादा ख़’राब हो चुकी है. जिसकी वजह से वहां पर हाल’तों को ठीक करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से भी कोशिश की जा रही है.