अमित शाह नये तेज तर्रार अधिकारीयों की कर रहे हैं नियुक्ति!

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अमित शाह गृह मंत्रलाय संभालने के बाद से ही बड़े फैसले ले रहे हैं. घंटों मीटिंग कर रहे हैं. कश्मीर समस्या, देश के अंदर आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-उग्रवाद और नक्सल गतिविधियों पर रोकथाम, नार्थ-ईस्ट की समस्या जैसे मसलो पर वह काफी गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं. साथ ही वह सुरक्षा और जांच एजेंसियों से जुड़े कई प्रमुख पदों पर अपने हिसाब से नियुक्त‌ि कर रहे हैं. आपको बता दें कि हाल ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक हुई. और इस बैठक में एसीसी यानी अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट ने गृहमंत्री अमित शाह के साझा मंतव्य से भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का अगला प्रमुख कौन होगा इसका चयन किया गया. इसी साल अनिल कुमार धसमानाजो रॉ के प्रमुख हैं रिटायर हो रहे हैं. इनके बाद सामंत गोयल का नए रॉ प्रमुख के तौर पर चयन किया जा चुका है.


कौन हैं सामंत गोयल? दरअसल सामंत गोयल कई मामलों में बेहद ख़ास है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. सामंत 1984 बैच के अधिकारी हैं. इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि आतंकियों द्वरा किए गए पुलवामा हमले के बाद उसका बदला लेने के लिए बालाकोट एयर स्ट्राइक की योजना बनाने और उसको पूरा करवाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका रही.1990 के दशक में पंजाब में उग्रवाद पर रोकथाम और कंट्रोल करने के लिए खुद ग्राउंड रिपोर्ट और उसकी वास्तविकता को समझते हुए कई ऑपरेशन को अंजाम दिया था. इसी के साथ उन्हें दुबई में इंचार्ज काउंसलर के रूप में भी तैनात किया था जहाँ उनके काम की खूब तारीफ हुई थी.
इसके साथ IB इंटेलिजेंस ब्यूरों के प्रमुख के तौर पर 26 जून को ही 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार को नियुक्त किया गया है. मूलरूप से बिहार के रहने वाले अरविन्द कुमार पहले भी इसी विमाग में कार्यरत थे और वे आईबी की कश्मीर डेस्क पर नंबर दो की पोजीशन पर कार्यरत थे. इन्होंने पिछले कुछ सालों में आईबी में रहते हुए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशंस के लिए बेहतर कार्य किया है. फिलहाल कारण का तो पता नही है लेकिन राजीव जैन के स्थान पर अरविन्द कुमार को IB चीफ बनाने के पीछे अमित शाह की ही महत्वपूर्ण भूमिका है. खबर के अनुसार अरविन्द कुमार के अनुसार कई रिपोर्ट्स ऐसे मिले हैं जिससे ये साफ़ पता चलता है कि वे एक तेज तर्रार और सुलझे हुए अधिकारी है. हालाँकि इसके नियुक्ति वाली फैले को गढ़ मंत्रालय से साइन होने के बाद पीएमओ भेज दिया गया है. और जानकारी के मुताबिक़ 30 जून को नये IB के प्रमुख के दौर पर पदभार संभाल सकते हैं.


यहाँ आपको यह भी बताना जरूरी है कि कुछ ही महीनों के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डायरेक्टर जनरल रजनीकांत मिश्रा और सीआरपीएफ के डीजी राजीव राय भटनागर रिटायर होने वाले हैं और अमित शाह इन दोनों के नए प्रमुख के चयन की तैयारियों में जुट गये हैं.
आइये यहाँ हम आपको गृह मंत्री अमित शाह के कुछ प्रमुख फैसलों के बारे में आपको बताते हैं. – भारतीय खुफिया एजेंसी आईबी और रॉ के प्रमुख का अमित शाह के नेतृत्व में हुआ चयन

  • जल्द ही बीएसएफ और सीआरपीएफ के नए डीजी के नाम पर भी होगा फैसला
  • एनआईए को पहले से और बेहतर और मजबूत बनाने पर भी लिया जा रहा है बड़ा फैसला
  • जल्द ही आंतरिक सुरक्षा के मसले पर हो सकता है कई बड़े फैसलों का ऐलान
  • देश के अंदर आंतरिक सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत करने के मसले पर चल रहा है काम



    एनआईए देश भर में आतंकी घटनाओं पर लगाम लगाने का काम करती हैं और इनके प्रमुख का चयन भी महत्वपूर्ण होता है ऐसे में अमित शाह इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.
    वैसे कश्मीर को लेकर भी अमित शाह तैयारी कर रही है. अमित शाह जम्मू कश्मीर का दौरा भी कर चुके हैं.
    अक्सर जब केंद्र सरकार का कोई बड़ा नेता जम्मू कश्मीर जाता था तो अलगाववादी बंद बुलाते थे, विरोध होता था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नही हुआ. सुरक्षा कड़ी जरूर थी लेकिन लोगों का जीवन सामान्य था. हालाँकि डल झील के आसपास के लोगों को थोड़ी मुसीबत जरूर झेलनी पड़ी. दौरे के दौरान अमित शाह ने अशरद खान के परिजनों से भी मुलाक़ात की थी. अरशद खान ने 12 जून को एक आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवा दी थी। फादर्स डे के दिन ही आतंकी हमले में शहीद इंस्पेक्टर अरशद खान के पुष्पांजलि समारोह के दौरान श्रीनगर के एसएसपी हसीब मुगल शहीद के 4 साल के बेटे उहबान को गोद में लेकर रो पड़े थे.

    खैर अब देखने वाली बात ये हैं कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लिए जा रहे बड़े फैसले और नए अधिकारीयों की नियुक्ति के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा में कितना बदलाव आता है.