टीवी डिबेट में पैनलिस्ट शोएब जमई ने कहा, मैं कौम की तरफ से डॉक्टरों को सॉरी बोल रहा हूँ, जवाब में एंकर ने बोलती कर दी बंद

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. सरकार एक के बाद एक करके इस महामारी से लड़ने के लिए कदम उठा रही हैं ताकि अन्य लोगों को इस बीमारी के चपेट में आने से रोका जा सके. सरकार ने इस वायरस से बचने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन तक लागू कर दिया था. इसके बाद सरकार की तमाम कोशिशों पर उस समय पानी फिर गया जब दिल्ली के निजामुद्दीन में हजारों की संख्या में जमाती मरकज में शामिल होने पहुंचे थे.

जानकारी के लिए बता दें मरकज के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब जमातियों को पकड़ा गया तो सैंकड़ों की संख्या में यहाँ शामिल होने वाले लोग कोरोना पॉजिटिव निकले. जिसके बाद सरकार की भी नींद उड़ गयी. इतना ही नही यहाँ शामिल हुए लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी भी छिपे हुए हैं. इसी मुद्दे को लेकर टीवी चैनल्स पर आये दिन बहस हो रही है.

जमातियों पर चल रही बहस के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जब टीवी एंकर ने डिबेट में शामिल होने आये शोएब जमई की बोलती बंद कर दी. दरअसल न्यूज़ 18 चैनल में आयोजित हुई डिबेट में बहस के दौरान मुस्लिम पैनलिस्ट ने जमातियों द्वारा डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों के साथ हुए बुरे बर्ताव को लेकर सॉरी कहा. मुस्लिम पैनलिस्ट शोएब ने कहा कि मैं कौम की तरफ से डॉक्टरों को सॉरी कह रहा हूँ.

मुस्लिम पैनलिस्ट शोएब की इस बात पर टीवी एंकर ने तंज कसते हुए कहा कि ‘माशाल्लाह, आप एहसान कर रहे हैं’ वहीँ एंकर ने कहा है कि तबलीगी जमात को इतनी फंडिंग हो रही है और इतने खुलासे हो रहे हैं तो कुछ न कुछ तो गलत होगा कहीं. इसके जवाब में शोएब जमई ने कहा कि मुरादाबाद में जो घटना हुई और डॉक्टरों के साथ बुरे बर्ताव की घटना सामने आई. ऐसे में मैं चाहता हूँ कि किसी न किसी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए. चंद नामुराद लोग हैं जो डॉक्टर को नहीं समझ पा रहे हैं. मैं इन लोगों के लिए मांफी मांगता हूँ. इसके बाद जब एंकर ने पूछा कि मौलाना साद कौनसी मुरीद हैं? जो 14 दिन के क्वेरंटाइन में गए थे अब ये समय भी पूरा हो गया तो वो कहां हैं? इसके जवाब में शोएब ने कहा कि मैं अपनी बात पूरी कर रहा हूँ आप बीच में बोल रहे हैं मैं मानवता दिखा रहा हूँ डॉक्टरों को कौम की तरफ से सॉरी बोल रहा हूँ तो इसके जवाब में एंकर ने कहा माशाल्लाह आपने सॉरी कहा तो सबको शांत हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को सबसे ज्यादा मुश्किल में तो जमातियों ने डाला है.