कोरोना से लड़ने के लिए भारत के साथ आया अमेरिका, किया अब तक का सबसे बड़ा ऐलान

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कोरोना के लगातार बढ़ रहे प्रकोप के चलते लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है. पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए पहले तो लॉकडाउन के मायने बताये और फिर इसे आगे बढ़ाना ही सही समझा. पीएम मोदी ने आगे कहा कि अगर लॉकडाउन को न जारी किया गया होता तो स्थिति और भी बढ़ा रूप ले सकती थी. पीएम मोदी एक बार नहीं बल्कि कई बार लोगों से ये अपील कर चुके हैं कि वह घरों में ही रहें और आसपास के लोगों से मिले जुले न.

जानकारी के लिए बता दें भारत ऐसी कठिन परिस्थिति में अपने चलते कई देशों की मदद कर रहा है. पीएम मोदी ने अमेरिका समेत कई देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भेजी थी. जिस तरह भारत ने अमेरिका को ये दवा देकर मदद की थी अब वैसे ही अमेरिका ने भारत को इस वायरस से लड़ने के लिए बड़ा ऐलान किया है.

अमेरिका ने अब भारत को लेकर जो कदम उठाया है वो काबिले-ए-तारीफ है. अमेरिका ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भारत को स्वास्थ्य सहायता के रूप में लगभग 5.9 मिलियन डॉलर प्रदान किये हैं. भारत को की गयी इस सहायता की जानकारी गुरूवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी है. अमेरिका द्वारा उठाया गया ये कदम विरोधियों की नींद उड़ा देगा.

गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा है कि ईस राशि का इस्तेमाल भारत में कोरोना पीड़ित लोगों की मदद, बीमारी से जुड़े जागरूक अभियान और इसके रोकथाम के लिए किये जा रहे शोधों में इस्तेमाल किया जायेगा. इसी के साथ उन्होंने इस सहायता राशि का इस्तेमाल आपातकालीन तैयारी के लिए भी किया जायेगा. दुनियाभर के समुदायों को महामारी से निपटने में अमेरिका पहले ही बहुपक्षीय और गैर-सरकारी संगठनों NGO को सहायता राशि प्रदान करता आया है लेकिन ये अब तक की सबसे ज्यादा राशि है.