चीन से ऑस्ट्रेलिया की हिफाजत के लिए अमेरिका ने भेजे 1200 मरीन कमांडो, साउथ चाइना सी में चीन कर रहा कब्ज़ा

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इस वक़्त दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश हो जिसके साथ चीन ने तनाव न बढ़ा रखा हो. ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना फैलाने के मामले में चीन की भूमिका की जांच की वकालत क्या की चीन ने उसके साथ भी तनाव बढ़ा लिया. साउथ चाइना सी में चीनी युद्धपोतों की आवाजाही बढ़ गई है. ऐसे में चीन के किसी भी दुस्साहस से ऑस्ट्रेलिया को बचाने के लिए अमेरिका अपने 1200 मरीन कमांडोज को ऑस्ट्रेलिया भेजने की तैयारी कर रहा है. जल्द ही ये दस्ता अमेरिकी युद्धपोत के साथ ऑस्ट्रेलिया पहुँच जाएगा.

जब ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना को लेकर चीन पर उंगली उठाई तो चीन ने ऑस्ट्रेलिया को ‘अमेरिका पालतू कुत्ता’ कह दिया. इसके साथ ही चीन ने ऑस्ट्रेलिया से आयत की जाने वाले सामानों की सूची तैयार की जिसपर वो प्रतिबन्ध लगाने की तैयारी कर रहा है. ऑस्ट्रेलिया से आयात होने वाले मांस पर चीन पहले ही रोक लगा चुका है. इस वक़्त चीन और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते बहुत ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. इन सबके बीच चीन ने साउथ चाइना सी में कब्ज़ा तेज कर दिया है. बीते दिनों चीन ने साउथ चाइना सी में करीब 80 जगहों के नाम बदल कर अपने मन मुताबिक़ कर लिया. चीन ने जिन जगहों के नाम बदले हैं उनमे आइलैंड्स, रीफ्स और समुद्र के नीचे के भौगोलिक स्‍ट्रक्‍चर हैं. ये हरकत कर के चीन ने साउथ चाइना सी के उन हिस्सों को कब्जाने की कोशिश की है जो 9-डैश लाइन से कवर्ड हैं. यह लाइन इंटरनैशनल लॉ के मुताबिक, गैरकानूनी मानी जाती है.

चीन कितना मक्कार देश है उसका अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि चीन के साउथ चाइना सी में कब्जे के खिलाफ वियतनाम से UN में शिकायत की तो चीनी युद्धपोतों ने एक वियतनामी जहाज को टक्‍कर मार-मार कर डुबो दिया, चीन के इस हरत की पूरी दुनिया में निंदा हुई और चीन के खिलाफ एक गठजोड़ बनना शुरू हो गया. चीन को सबक सिखाने के लिए ही अमेरिका ने अपने कमांडों ऑस्ट्रेलिया भेजे हैं.