आज सर्वदलीय बैठक में चीन को जवाब देने के लिए बनेगी रणनीति, न्योता नही मिलने से भड़क गई ये पार्टियाँ

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लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ खु’नी संघर्ष में भारत के 20 जवानों के शहीद हो जाने के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर है और चीन से बदले की मांग की जा रही है. चीन के इस धोखे के बाद देश में राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी चीन से ज्यादा अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर है. इन सब घटनाओं के बीच आज शाम 5 बजे पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमे राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे. लेकिन इस बैठक को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है.

इस बैठक में चीन के साथ मौजूदा हालातों की जानकारी विपक्ष के नेताओं को दी जायेगी और हालातों पर चर्चा की जायेगी. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, YSR कांग्रेस अध्यक्ष जगन रेड्डी, टीडीपी अध्यक्ष चन्द्रबाबू नायडू, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक, जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, बसपा अध्यक्ष मायावती, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन शामिल होंगे. नॉर्थ-ईस्ट की कई पार्टियों को भी इस सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है. लेकिन कुछ पार्टियों को इस सर्वदलीय बैठक के लिए निमंत्रण नहीं भेजा गया जीको लेकर विवाद खड़ा हो गया.

इस सर्वदलीय बैठक के लिए आम आदमी पार्टी औउर राष्ट्रीय जनता दल को न्योता नहीं भेजा गया. इस पर दोनों ही पार्टियाँ भड़क गई. आम आदमी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके चार सांसद हैं, राज्यसभा में भी प्रतिनिधि हैं. ऐसे में उन्हें न्योता नहीं दिया गया है. RJD नेता तेजस्वी यादव भी न्योता नहीं दिए जाने से भड़क गए. सूत्रों के हवाल इसे खबर है कि सर्वदलीय बैठक के लिए सिर्फ उन्ही पार्टियों को न्योता भेजा गया जिनके 5 या उससे अधिक सांसद है.