अब तक हुए भारत और पाकिस्तान के युद्ध के क्या रहें परिणाम ?

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पुलवामा में आतंकी हमलें के बाद से भारत के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. आतंकवादियों का गढ़ पाकिस्तान को अब बस मिटा देने की मांग हो रही हैं..भारत के लोग बस पाकिस्तान से बदला लेना चाहते हैं, वह चाहते हैं कि पाकिस्तान से जंग लड़ी जाए और उसी की भाषा में जवाब दिया जाए. ऐसे में आपको जानना जरूरी हैं कि आखिर भारत ने आज तक पाकिस्तान से कितनी जंग लड़ी है और उसके वजह क्या रहे है और आखिर में उसके क्या परिणाम है…

भारत और पाकिस्तान ने अभी तक 4 जंग लड़ी है, जो कि साल 1947-48, 1965, 1971 और 1999 में हुई. वहीं भारत ने हर युद्ध में विजय हासिल की है. हालांकि युद्ध में भारत को जान-मान का काफी नुकसान हुआ था और भारतीय सैनिकों को अपनी शहादत देनी पड़ी.

पहला युद्ध- 1947-48

15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ. भारत का बंटवारा हुआ और एक नया देश बना पाकिस्तान. बंटवारे के वक्त भयंकर सांप्रदायिक दंगे हुए जिनमें लाखों लोगों की मौत हो गई. भारत इससे उबरने की कोशिश करता हुआ एक नई राह की तरफ बढ़ ही रहा था, कि पाकिस्तान अपने नापाक इरादों के साथ आजादी के 2 महीने बाद ही जम्मू कश्मीर पर हमला कर दिया. भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ ये पहला युद्ध था. जिसे प्रथम कश्मीर युद्ध भी कहा जाता है, अक्टूबर 1947 में शुरू हुआ ये युध्द 1 जनवरी 1949 तक चला..पाकिस्तान की सेना के समर्थन के साथ हज़ारों की संख्या में जनजातीय लड़ाकुओं ने कश्मीर में प्रवेश कर, राज्य के कुछ हिस्सों पर हमला कर उन पर कब्जा कर लिया, उस दौरान कश्मीर में भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला. वहीं यूएन के माध्यम से इस युद्ध को शांत करवाया गया…इस युद्ध में भारत को कश्मीर के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 2 तिहाई हिस्से पर नियंत्रण प्राप्त हुआ,जिसमें कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख आते है, जबकि पाकिस्तान को लगभग एक तिहाई हिस्सा मिला जिसमें पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान आते है।

दूसरा युद्ध- 1965

इस बार पाकिस्तान को बस हार का ही नहीं बल्कि भारतीय जवानों ने पाक को नाकों चने भी चब्बाए, भारतीय सेना की 18 कैवलेरी के शरमन टैंकों ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर घुसकर उसे उसकी औकात बताई, इस युद्ध की वजह भारत पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा था. साल 1965 में पाकिस्तान के कच्छ सीमा के पास हमला किया, जिससे विवाद शुरु हो गया. इस युद्ध में 2862 भारतीय और 5800 पाकिस्तानी सैनिकों की जान चली गई थी. इस युद्ध में 1900 वर्ग किलोमीटर पाकिस्तानी हिस्सा भारत ने जीता और पाकिस्तान के हाथ 540 वर्ग किलोमीटर हिस्सा लगा. इसमें दोनों देशों के कई टैंक बर्बाद हो गए थे.


तीसरा युद्ध- 1971

3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत के 11 एयरबेस पर हवाई हमले किए । इसे विश्व इतिहास में सबसे छोटे युध्द के रूप में भी जाना जाता है । क्योंकि ये महज 13 दिन तक चला था. यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान को लेकर हुआ था. साल 1971 के युद्ध में करीब 3,900 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि 9,851 घायल हो गए थे. इस युध्द में लगभग 90 हजार पाकिस्तानियों को बन्दी भी बनाया था, जिसके बाद पाकिस्तान के चुंगल से आजाद एक नया देश बांग्लादेश का जन्म हुआ.

चौथा युद्ध- 1999

इस युद्ध की वजह जम्मू और कश्मीर के कारगिल जिले और नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान के सैनिकों और कश्मीरी आतंकवादियों की घुसपैठ थी. इसे कारगिल की लड़ाई भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत हुई थी 8 मई 1999 से जब पाकिस्तानी फौजियों और कश्मीरी आतंकियों को कारगिल की चोटी पर देखा गया था.पाकिस्तानी सेना ने कारगिल को कब्जे में ले लिया । घुसपैठियो को निकालने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया , दो महीनों के विवाद के बाद भारतीय सेना ने घुसपैठियों से कारगिल को वापिस हासिल किया,पाकिस्तान ने इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिक खो दिए थे. पाकिस्तान को 1965 और 1971 की लड़ाई से भी ज्यादा नुकसान हुआ था.

जम्मु-कश्मीर पर पाकिस्तान की निगाह आज से ही नही बल्कि बटवारे के बाद से ही है । अपनी नापाक हरकतों का सबूत वो दशकों से देता आ रहा है । लेकिन भारतीय सेना ने हमेशा पाकिस्तान को परास्त किया है। लेकिन पाकिस्तान की बदनियती है कि वो कश्मीर में आग भड़काने से आज भी बाज नहीं आ रहा हैं।