अलका लांबा ने मोदी- शाह के बारे में फिर उगला ज़’हर, कहा ‘ कांग्रेस को 2002 में ही इन दोनों को नाप देना चाहिए था’

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कांग्रेस से आम आदमी पार्टी और फिर आम आदमी पार्टी से वापस कांग्रेस में लौटी अलका लांबा चाँदनी चौक से विधानसभा चुनाव हारने के बाद बुरी तरह से हताश हो चुकी हैं. वो इतनी हताश और कुंठित हो चुकी हैं कि जब देखो तब पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और RSS के खिलाफ ज़’हर उगलती रहती है. आज भी वो इतनी हताश थी कि अनजाने में ही उन्होंने ये क़ुबूल कर लिया कि 2002 में कांग्रेस ने मोदी और शाह को निपटाने की कोशिश की थी. हालाँकि अलका ने दोनों का सीधे सीधे नाम नहीं लिया. लेकिन उन्होंने इतना भी अस्पष्ट कुछ नहीं कहा कि समझने वाले कुछ समझ न सके.

दरअसल अलका लांबा ने एक ट्वीट किया. उस ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेस एक बहुत बड़ी गलती हुई, जिसका खामियाजा आज पूरा देश भुगत रहा है. 2002 में ही दोनों को नाप दिया होता आज ये सत्ता में कुछ यूँ फन फैला कर न बैठे होते…’ हालाँकि अलका लांबा ने नाम तो नहीं लिया लेकिन लोग इतने बेवक़ूफ़ भी नहीं कि समझ न सकें, किसके बारे में बात हो रही है और किसे नापने की कोशिश की गई थी. जिस वक़्त गोधरा में कारसेवकों से भरी ट्रेन ज’ला’ई गई और जिसके बाद गोधरा में दं’गे शुरू हुए उस दौरान तो सरकार भाजपा की थी. लेकिन जब इन दं’गों की जांच चल रही थी तब केंद्र की सत्ता बदल चुकी थी. केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी से सीबीआई ने घंटों पूछताछ की थी. अनजाने में ही अलका लांबा ने स्वीकार कर लिया कि 2002 में मोदी-शाह को निपटाने की कोशिश कांग्रेस ने की थी. भाजपा के आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने अलका के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ‘इस ट्वीट से पता चलता है कि कॉन्ग्रेस ने कोशिश तो ख़ूब की, पर सफल नहीं हुए.’

जब अलका को लगा कि उन्होंने अनजाने में ही कांग्रेस के साजिशों की पोल खोल दी है तो उन्होंने लीपापोती करने की कोशिश की. उन्होंने बात को घुमाते हुए 1971 के भारत-पाकिस्तान यु’द्ध और पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों की बात करने लगी. लेकिन असलियत तो सामने आ ही चुकी थी.