चांदनी चौक सीट पर अलका लांबा का हुआ ऐसा हाल कि अब वो चुनाव के नाम से भी डरेंगी

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यूँ तो कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक हारी हुई लड़ाई लड़ रही थी. लेकिन फिर भी उसे उम्मीद थी कि कम से कम एक ख़ास सीट तो वो निकाल ही लेगी. वो ख़ास सीट थी चांदनी चौक. इस सीट से कांग्रेस को उम्मीद इसलिए भी ज्यादा थी क्योंकि यहाँ से उसने अलका लांबा को उम्मीदवार बनाया था. अलका लांबा ने 2015 में इसी सीट से चुनाव जीता था. हालाँकि तब वो आम आदमी पार्टी से जीत कर विधानसभा पहुंची थी जबकि इस बार उन्होंने आम आदमी पार्टी से बगावत कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. लेकिन इस बार अलका लांबा की किस्मत अच्छी नहीं रही.

अलका लांबा चांदनी चौक सीट से सिर्फ हारी नहीं बल्कि ऐसे हारी जिसे वो कभी याद न रखना चाहेंगी. उनकी जमानत जब्त हो गई. अलका लांबा को मात्र 2200 वोट मिले. दुसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार सुमन गुप्ता को 12 हज़ार वोट मिले जबकि नंबर एक पर रहे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार प्रहलाद साहनी को  लगभग 40,000 से ज्यादा वोट मिले. प्रहलाद गुप्ता को 70 प्रतिशत वोट मिले जो कि एक रिकॉर्ड है.

सबसे दिलचस्प बात आपको बताएं तो ये है कि चुनाव से ठीक पहले अलका ने AAP की झाडू छोड़ कर कांग्रेस का हाथ थामा था. कांग्रेस ने उन्हें टिकट दे दिया. जबकि प्रहलाद गुप्ता कांग्रेस में थे लेकिन अलका को टिकट देने के लिए कांग्रेस ने प्रहलाद गुप्ता की अनदेखी कर दी. जिसके बाद प्रहलाद AAP में शामिल हो गए और जीत भी गए.