अब अखिलेश यादव को NPR से भी हो गई दिक्कत, दे दिया ये बयान

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पूरे देश में NPR (राष्ट्रीय जनसँख्या रजिस्टर), नागरिकता संशोधन कानून (CAA)और और NRC को लेकर तमाम सवालों और प्रदर्शनों के बीच राजनीति ने भी खूब अपनी जगह बनाई. इस मुद्दे पर देश के हर कोने में हर पार्टी ने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को जमकर जाहिर किया और इसे एक मौके की तरह देखते हुए भुनाने की पुरजोर कोशिश भी की मगर प्रशासन की मुस्तैदी और जवानों के संयम की वजह से हालात ज्यादा बिगड़ने से बच गए थे. फिर भी कुछ जगहों पर आगजनी और हिंसा देखने को मिली जो कि नेताओं और सामाजिक कुंठा के शिकार कुछ लोगों की वजह से हुआ.

अब इसी बवाल पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने विचारों को जाहिर किया है, उन्होंने एनपीआर के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया है. हाल ही में दिए गए एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा है कि ”हम एनपीआर का फॉर्म बिल्कुल भी नहीं भरेंगे और आखिर ये भारतीय जनता पार्टी कतई तय नहीं करेगी कि हम भारतीय हैं या नहीं हैं”.

अपने इसी बयान में अखिलेश यादव ने ये भी कहा है कि ”देश को NPR नहीं रोजगार चाहिए. आपके काम ऐसे हैं कि विशेषज्ञों का कहना है – इस समय देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में पहुंच गई है”
अखिलेश यादव ने NPR पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस फैसले के बाद देश की जनता से घबराई हुई है.

तो वहीँ प्रदर्शनकारियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बेकसूर लोगों की जानें गईं हैं, और अपनी विचारधारा के हिसाब से समाजवादी पार्टी उनकी मदद भी करेगी. गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने ये बातें पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग के दौरान कहीं. एनपीआर का फॉर्म न भरने की बात पर उन्होंने जोर देते हुए उसे 2 बार दोहराया और अपनी बात को पुख्ता करने के लिए कई और बातें भी कहीं और महात्मा गांधी का हवाला देते हुए वे बोले कि अपने पहले ही आंदोलन के दौरान महात्मा गाँधी ने भी कागजों को जला दिया था, अब हम भी कुछ ऐसा ही करने वाले हैं.
अभी तक उनके इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है..