अखिलेश यादव और पत्रकार अरफा खानम शेरवानी आये आजम खान के बचाव में

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कल आज़म खान ने जया प्रदा को लेकर एक विवादित बयान दिया था, और इस बयान के बाद चारों तरफ एक बड़ा बबाल खड़ा हों गया था,हर जगह उनके बयान की कड़ी निंदा हुई थी,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो इस बयान के बाद भी उनके बचाव में उतरे है..इसमें पहला नाम है दा वायर की पत्रकार अरफा खानम शेरवानी का, दरअसल आज़म खान के इस बयान के बाद उन्होंने ये दावा किया कि आजम खान ने जो बयान दिया था, वो जया प्रदा के लिए नहीं, बल्कि पूर्व सपा नेता अमर सिंह के खिलाफ और उनके लिए था। लेकिन शायद आरफा जी ये भूल गयी कि अमर सिंह का रामपुर लोकसभा क्षेत्र से कोई ज्यादा लेना देना ही नहीं है।


पर आप यहाँ ये भी जान लीजिये, वो आजम खान ही हैं, जो जया प्रदा, बॉलीवुड से रामपुर लाए और 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट से रामपुर लोकसभा सीट को जीतने में मदद की थी,और जयाप्रदा रामपुर से ही दो बार सांसद रह भी चुकी हैं..तो साफ़ है कि जो इन्होने अपने बयान में कहा जिसे ऊँगली पकड़कर रामपुर लेकर आये..तो उनके ही बयान से उन्होंने ही बिना कहे सब कह दिया कि यहाँ वो अमर सिंह की नहीं बल्कि जया प्रदा की ही बात कर रहे थे,बस बात सिर्फ इतनी ही है कि उन्होंने उनका नाम नहीं लिया अपनी सफाई में उन्होंने यही कहा कि अगर मैंने किसी का नाम नहीं लिया है। मुझे पता है कि मुझे क्या कहना चाहिए। अगर कोई साबित कर सकता है कि मैंने किसी का नाम कहीं भी लिया है और किसी का अपमान किया है, तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा..

अब आज़म खान जी 9 बार विधायक तो आप भी रह चुके है तो इतना तो आपको आत ही होगा कि विवादित बयान देने के बाद उससे कैसे पल्ला झाडा जाता है,और वैसे भी वो टेंशन ले भी क्यों, उनके पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी उनके इस बयान में कुछ आपत्ति नहीं लगी.. उन्होंने कहा कि, आजम साहब ने कहा था कि कुछ लोग आरएसएस के कपड़े पहन के रहते हैं। उन्होंने किसी और के बारें में कहा था। हम कभी महिलाओं और बेटियों के प्रति कोई गलत लैंग्वेज यूज़ नहीं करते हैं।मीडिया इस मामले में ग़लती कर रही है, कुछ और ही दिखाया जा रहा है।


इनके इस इस बयान से ज्यादा हैरान होने की भी जरूरत नहीं है, क्यों की इनकी पार्टी के मुखिया ने भी रेप जैसे बड़े में कहा था कि लड़के है उनसे गलती हो जाती है..और अखिलेश जी बोल रहे है कि हम महिलाओं और बेटियों के प्रति कोई गलत लैंग्वेज यूज़ नहीं करते,खैर मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने आज़म ख़ान के बयान कड़ी निंदा की है ,और उन्होंने निर्वाचन आयोग अखिलेश से इस मामले में कार्रवाई करने की भी मांग की। पर इस पार्टी की और महिलाओं जैसे डिंपल यादव और जाया बच्चन ने चुप्पी साधी हुई है ,इन्हें भी यहाँ ये सोचना चाहिए कि यहाँ बात किसी पार्टी की नहीं है बल्कि किसी महिला के उपर अभद्र बयान की है तो कम से कम इन्हें तो यहाँ कुछ बोलना ही चाहिए था.


पर सोचने वाली बात तो ये भी है कि आज़म खान ही नही बल्कि ऐसे कई नेता है जो एक तरफ महिलों के मुद्दों पर वोट बैंक बनाते है और दूसरी तरफ मंच पर चढ़ कर ऐसे अभद्र बयान देते है और फिर ये उम्मीद भी रखते है कि इन्हें देश की सत्ता जनता हाथों में दे..पर जितने भी ऐसे नेता है चाहे वो किसी भी पार्टी के हों ,उन सब की जुवान पर लगाम लगाने का ये ही सही वक्त है .