अस्पताल से छुट्टी मिलते ही फिर जहर उगलने लगे अकबरुद्दीन ओवैसी! ताजा वीडियो वायरल

1838

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी जब भी बोलते हैं तो भड़काऊ बयान न दें भला ऐसा कहाँ हो सकता है. अकबरुद्दीन बहुत पहले से भडकाऊ बयान देते आ रहें हैं. बीच में स्वास्थ्य कुछ ज्यादा ही खराब हो जाने से वो चुप थे लेकिन अब एक बार फिर उन्होंने लोगों को भडकाना शुरू कर दिया है. करीमनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने मॉब लिंचिंग पर मुसलमानों को शेर बनने की सलाह दी और एक बार फिर अपनी 15 मिनट वाली बात दोहराई। आइये पहले हम बताते हैं कि आखिर उन्होंने कहा क्या है उसके बाद हम इस बयान का पोस्टमार्टम करते हैं.

अकबरुद्दीन ने कहा कि दुनिया उसी को डराती है जो डरता है और दुनिया उसी से डरती है जो डराना जानता है। मुसलमानों को शेर बनना होगा ताकि कोई चायवाला उनके सामने खड़ा न हो सके। लोग आज कह रहे हैं कि मॉब लिंचिंग। मैं अपने लोगों से कहता हूं कि आप लोग इतने परेशान हैं, परेशान मत हो। नौजवानों मैं आपसे कहूंगा कि जो हम यहां करेंगे, उसके बदले में जन्‍नत या जहन्‍नूम मिलेगी। शहीद जन्‍नतों की जन्‍नत जाता है। नौजवानों वे नारा कुछ भी लगवाएं तुम सिर्फ अल्‍लाह का नाम लो।’ यहाँ आपको यह भी याद दिलाना जरूरी है कि बता दें कि अकबरुद्दीन ओवैसी ने 2013 में कहा था कि हम (मुसलमान) 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है। दुश्‍मन आज मजबूत हो रहा है कि क्‍योंकि हम बंटे हुए हैं। अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘हमें न जीताओ कोई बात नहीं लेकिन हमें बीजेपी की जीत मंजूर नहीं है। यहां बीजेपी चुनाव न जीत पाए, इसको सुनिश्चित करना है… वे लोग मेरे खून के प्‍यासे हैं और उनके खिलाफ मुसलमान एक हो जाएं।’

अब हम सवाल करते हैं कि आखिर डर कौन रहा है और किससे डर रहा है. दरअसल अकबरुद्दीन जैसे नेता ही हैं इस देश में जो लोगों के अंदर डर डर डर कहकर डर पैदा कर रहे हैं. कोई घर के बर्तन बेचकर बंदूक रखने की सलाह देता है तो कोई पुलिस को पंद्रह मिनट के लिए पुलिस हटाने की बात करता है. अकबरुद्दीन साहब राजनीति की आड़ में ना सिर्फ समाज के लोगों को गुमराह कर रहें हैं बल्कि लोगों में जहर घोलने का भी काम कर रहें हैं. एक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ने अपने स्वास्थ्य के बारे में बताने लगे कि उन्हें किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अरे भाई देश में संबिधान है देश में कानून है जो सबके लिए है. अगर कोई मोब लिंचिंग करता है तो उसे सजा मिलती है. वैसे आजकल तो कई सारे ऐसे मामले भी सामने आये जिसमें मोब लिंचिंग और जय श्री राम के आरोप झूठे पाए गये. इसके साथ अकबरुद्दीन साहब से सवाल किया जाना चाहिए कि जब आतंकियों का कोई धर्म नही होता तो भीड़ की आड़ में लोगों की जान लेने वालों का धर्म आपको कैसे पता चल गया! और उनका धर्म कैसे हो गया. अगर धर्म के नाम पर, जन्नत के नाम, स्वर्ग के नाम पर, बहत्तर हूर के नाम पर लोगों की हत्या लोग कर देते हैं तो उनका धर्म क्या होता है ओवैसी साहब!

वैसे डर को लेकर अकबरुद्दीन के बड़े भाई और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सदन में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह से कहा था कि “आप मुझे डराइये मत, हम आपसे डरने वाले नही है.” इस पर गृह मंत्री ने जवाब देते हुए कहा था कि “आपको डरा कौन रहा है लेकिन जब डर आपकी जेहन में बसा है तो मैं क्या कर सकता हूँ”.

 इस बात में कोई दो राय नही है कि अकबरुद्दीन ओवैसी सिर्फ भडकाऊ बयानबाजी कर एक विशेष समुदाय के लोगों को भडकाते है और फिर खुद को छिप कर किसी बिल में घुस जाते हैं और आम लोगों में नफ़रत फैलाते हैं. हम सभी जानते हैं कि जिन लोगों ने मोब लिंचिंग की है अभी तक उन सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई है. कुछ मामले ऐसे सामने आये उस पर अकबरुद्दीन जी को ररोटी सेंकना है तो अच्छी बात है लेकिन अधिकतर मामले फर्जी सामने आये उस पर अकबरुद्दीन ने बोलना उचित नही समझा.. अपने समुदाय से जुड़े लोगों को ऐसा ना करने के लिए मना करना उचित नही समझा लेकिन जिस बात से लोगों को भडकाया जा सकता है उसमें ओवैसी ने कोई कसर नही छोड़ी.

दरअसल ओवैसी काफी दिनों से मीडिया की सुर्ख़ियों से गायब थे, आम लोगों के बीच में आना जाना कम था तो वे लगभग गायब से हो गये थे तो अब वापसी के लिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही हैं, एक बार फिर अपने छवि लोगों में बनाने की कोशिश चल रही हैं.

अकबरुद्दीन ने पिछले साल 2018 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि, ‘चाय वाले, हमें मत छेड़, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा कि कान में से पीप (मवाद) निकलने लगेगा, खून निकलने लगेगा।’

अकबरुद्दीन हाल ही में अपनी बीमारी का इलाज करवा के लंदन से वापस आये हैं साल 2011 में गोलियां और चाक़ू लगने से घायल हो गये थे. पिछले दिनों उनकी हालात कुछ ज्यादा ही खराब ही गयी थी तब उनके बड़े असुददीन ओवैसी ने अकबरुद्दीन के लिए लोगों से दुआ करने की अपील की थी.