कंट्रोल रूम में फोन कर कहा ‘भूख से मर रहा हूँ’ प्रशासन जब खाना ले कर पहुंचा तो नज़ारा देख चौंक उठा

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लॉकडाउन की वजह से गरीबों को दिक्कत ना हो इसलिए हर शहर का प्रशासन जरूरतमंद लोगों तक राशन और अन्य सहायता पहुंचा रहा है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गरीबों के हक़ की इन राहत सामग्री पर गिद्ध की तरह नज़र जमाये बैठे हैं और सब कुछ हड़प कर जाना चाहते हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया राजस्थान के अजमेर में. जहाँ एक चाँद मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति के घर में एक महीने का राशन भरा हुआ था लेकिन फिर भी उसने कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर प्रशासन से फ्री का राशन मंगवाया. लेकिन जब प्रशासन राशन पहुँचाने उसके घर पहुंचा तो होश उड़ गए.

नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक़ चाँद मोहम्मद अजमेर के खानपुरा इलाके में रहता है. उसने शुक्रवार को जिलास्तरीय कंट्रोल रूम पर फोन करके भोजन एवं सामग्री के लिए सहायता मांगी थी. उसने कहा कि उसके घर में राशन ख़त्म हो गया है. चाँद मोहम्मद के फोन के बाद प्रशासन ने सहायता पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देशित किया. चाँद मोहम्मद ने दोबारा फोन कर कहा, ‘मैं भूख से मर रहा हूं, मेरे मरने के बाद सहायता पहुंचेगी क्या?’

दोबारा फोन के बाद प्रशासन को लगा कोई बहुत ही जरूरतमंद है. प्रशासन ने गंभीरता से लिया और खानपुरा के रसद विभाग के अधिकारी तुरंत सूखी राशन सामग्री एवं तैयार भोजन के पैकेट लेकर उसके घर पहुंचे. लेकिन वहां का नज़ारा देख उनके होश उड़ गए. दरअसल प्रत्येक जरूरतमंद तक सामग्री पहुंचना सुनिश्चित करने के साथ ही प्रशासन द्वारा व्यक्ति की आवश्यकताओं एवं सामग्री की उपलब्धता के संबंध में जांच की जाती है. ये पता किया जाता है कि वाकई में उसे सहायता की जरूरत है भी या नहीं. इसी जांच में प्रशासन जब उसके घर के अन्दर पहुंचा तो नजारा चौंकाने वाला था. उसके रसोई में महीने भर का राशन भरा हुआ था. उसके फ्रीज में भी काफी खाना था. यहाँ तक की चिकन भी था. चांद मोहम्मद घर में मोटरसाइकल, गैस कनेक्शन, फ्रिज, कूलर जैसी सुविधाएँ भी थी.

चाँद मोहम्मद के फ्रिज में पड़ा चिकन

चाँद मोहम्मद द्वारा सरकारी सुविधा का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश के बाद जिला प्रशासन ने अब कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों के कारण ही जरूरतमंद लोग सहायता से वंचित रह जाते हैं.