चाचा से बगावत कर घर वापसी करने वाले अजीत पवार को उद्धव मंत्रिमंडल में मिला ये पद

महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने के बाद करीब एक महीने बाद उद्धव ठाकरे ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया. आज हुए इस कैबिनेट विस्तार में कुल 36 मंत्रियों ने पड़ और गोपनीयता की शपथ ली. सबकी नज़रें चाचा से बगावत कर फडनवीस सरकार में तीन दिनों के लिए उपमुख्यमंत्री बनने वाले अजीत पवार पर टिकी थी. इस मंत्रिमंडल विस्तार में अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री का पद मिला.

इस मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी के 14 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया. महाराष्ट्र विधान भवन में शपथ ग्रहण समारोह के लिए करीब 5 हज़ार मेहमानों को न्योता भेजा गया था.

जिन विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली उनमे एनसीपी नेता धनंजय मुंडे भी प्रमुख है. धनंजय मुंडे भाजपा के कद्दावर नेता रहे गोपीनाथ मुंडे के भतीजे हैं. जब अजीत पवार ने शरद पवार से बगावत कर भाजपा इ साथ जाने का फैसला किया था तो उस फैसले के पीछे धनंजय मुंडे ही थे. धनंजय मुंडे ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है. कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है. उनका नाम आदर्श घोटाले में आ चुका है.

जिन मंत्रियों ने आज शपथ ली उनमें कांग्रेस के अशोक चव्हाण, केसी पडवी, विजय वडेट्टिवर, अमित देशमुख, सुनील केदार, यशोमती ठाकुर, वर्षा गायकवाड़, असलम शेख, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम. शिवसेना के आदित्य ठाकरे, अनिल परब, उदय सामंत, बच्चू कडू, संजय राठोड, शंभुराजे देसाई, अब्दुल सत्तार, गुलाबराव पाटील, दादा भुसे और एनसीपी कोटे से अजित पवार, धनंजय मुंडे, जीतेंद्र अव्हाड, नवाब मलिक, दिलीप वलसे पाटील, हसन मुश्रीफ, बालासाहेब पाटील, दत्ता भरणे (राज्यमंत्री), अनिल देशमुख, राजेश टोपे और डॉ. राजेंद्र शिंगणे.

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