त’बली’गी ज’मात की ज़ि’द को तो’ड़ने के लिए गृह मंत्री ने मैदान में उतारा इस शख्स को जानिए कौन है वो ?

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देश इस वक्त को’रो’ना जैसी म’हामा’री से ल’ड़ रहा है. उसके बावजूद भी लोग इस बात को समझने के लिए तैयार नही है. वहीं कल की बात करें तो त’बली’गी जमा’त का’ण्ड ने देश में ह’ड़कं’प म’चा दिया है. जब निजामुद्दीन में स्थित म’रकज के बंद दरवाजों के पीछे का राज खुला तो हर कोई सन्न रह गया. जिस को’रो’ना को पीएम मोदी और देश के लोग अपनी कोशिशों से रोकने की कोशिश कर रहे थे. उन कोशिशों को त’बली’गी ज’मात ने अपनी जा’हिलि’यत से तार तार कर दिया. लेकिन उनकी जाहि’लियत इतने पर ही नहीं रुकी.

दिल्ली के निजामुद्दीन के पास मौजूद म’र’कज को भी’ड़ से खाली कराना काफी मुश्किल भरा रहा. सरकार के निर्देश पुलिस की चेतावनी के बाद भी ज’मात किस कदर जिद पर अड़ा हुआ था. यह इस बात से सामने आता है कि आधी रात डोभाल को मनाने के लिए जाना पड़ा. मस्जिद के मौ’लाना साद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के आ’ग्रह को ठुकरा चुके थे. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से आग्रह किया कि वह ज’मात को मस्जिद खाली करने के लिए राजी करें.

निजामुद्दीन मरकज मामले में दिल्ली पुलिस ने मौ’लाना साद, डॉ जीशान, मुफ्ती शहजाद, एम सैफी, युनूस और मोहम्मद सलमान के खि’लाफ नाम’जद प्राथमिकी दर्ज की है. मरकज को आज तड़के करीब 3.30 बजे 5 दिन बाद खाली कराया गया है. मरकज में करीब 2,100 लोग थे. इस बीच, मौलान साद 28 मार्च के बाद से ला’पता है. पुलिस ने उसे नोटिस भेजा है. साद की तलाश जारी है.

को’रो’ना को देखते हुए आप सभी लोग अपने अपने घर में रहें. ताकी हम सभी लोग को’रोना से लड़ा’ई लड़ सकें और इसको जितनी जल्दी हो सके. उससे ये जंग जीती जा सकें. एक बात और को’रो’ना किसी का मजहब देख कर नही होता है. तो कल की घटना के बाद लोग ये ना सोंचे की कोरोना मेरे नही होगा.