पुलवामा हमले के बाद कविता कृष्णानन की राजनीती, लोगों ने सोशल मिडिया पर लताड़ा

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पुलवामा हमले के बाद से सोशल मीडिया पर तरह तरह के विडियो और फोटो वायरल हो रहे है सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट्स  फैलाने वाले लोग बढ़ते ही जा रहे है  एक के बाद एक फोटो और वीडियो वारयल हो रहे है ऐसे लोग जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के पोस्ट्स डालने का कोई भी मौका नही छोड़ते.. ऐसे लोग इस ताक में रहते है की किस तरह से जनता को मोदी सरकार के खिलाफ भड़काया जाए  

कविता कृष्णनन ने कुछ ऐसा ही काम किया है  कविता कृष्णनन JNU की छात्रा रह चुकी है ऑल इंडिया प्रोगेसिव वुमेन एसोसिएशन की सेक्रेटरी और CPI पोलित ब्यूरो की सदस्य भी हैं कविता कृष्णन ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक फोटो शेयर किया है जिसमें पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हँसते हुए नजर आ रहे है इसके साथ ही लिखा है की पुलवामा हमले के बाद पूरा देश रो रहा है पर मोदी और उनके दोस्त नीतीश और साक्षी महाराज मुस्कुरा रहे हैं। कविता कृष्णनन को ऐसे मौके पर राजनीति करना महंगा पड़ गया इसी ट्वीट पर लोगो ने उन्हें कटघरे में लिया इस पर कविता कृष्णनन खुद अपने ही जाल में फसती नजर आई इस फोटो को सोशल मीडिया पर लोगो ने उन्हें चारो तरफ से घेर लिया उनके इसी ट्वीट का रिप्लाय करते हुए लोगो ने उन्हें जमकर लताड़ा है


एक ट्विटर यूज़र ने उन्हें Godmother कहते हुए लिखा कि कविता कृष्णनन सेना-विरोधी कश्मीरियों की रक्षा में व्यस्त हैं, उनकी पार्टी के कार्यकर्ता अपना एजेंडा चलाने के लिए मोदी-नीतीश की पुरानी तस्वीरें फैला रहे हैं

एक यूजर ने लिखा की अपने ट्विटर हैंडल से कविता कृष्णन, एजेंडे को पूरा कर रही हैं
एक ट्विटर यूजर ने तो उन्हें जिहादी मैम तक लिख दिया और बताया कि जो फोटो आप अपने एजंडे को फैलाने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं वह 2016 की है कुछ शर्म करो और हमारे सैनिकों के बलिदान पर राजनीति करना बंद करो

जब हमने इस फोटो को खंगालने की कोशिश की तो पाया की ये फोटो 1 मार्च 2016 की है जब PM मोदी नीतीश कुमार के 66 वें जन्मदिन में पहुंचे थे इससे ये निष्कर्ष निकल करके आता है की कविता कृष्णनन द्वारा सोशल मीडिया डाली गई ये फोटो फेक है

हम भी आपको यही कहना चाहते है की सोशल मीडिया पर ऐसी फेक वीडियो या फोटो को बिल्कुल भी शेयर ना करे क्योकि इससे समाज पर बुरा असर पड़ता है इससे फेक फोटो और वीडियो शेयर करने वाले की मानसिकता का अंदाजा होता है  और कम से ऐसे मौके पर जब पूरा देश आतंक के खिलाफ खड़ा हो ऐसे मोके पर राजनीति नही करनी चाहिए आप भी ऐसे लोगों से बचे इनकी बातों में बिल्कुल भी ना आये जो सोशल मीडिया पर तरह तरह को अफवाहें फैलाते है और लोगों को गुमराह करने का काम करते है 
अब जो झूठ बोले उसे कौआ काटे