रेल मंत्रालय के बाद अब वित्त मंत्रालय ने चीन को दी आर्थिक चोट, उठाया ये बड़ा कदम

1052

भारत और चीन में बढ़ते त’नाव के बीच देश में चीन के सभी सामान का बहिष्कार शुरू हो चूका हैं. लोग चीन के ऊपर काफी नाराज है और चीन के खि’लाफ वि’रोध प्रदर्श’न कर रहें हैं. केंद्र सरकार ने चीन की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के लिए कई टेंडर को कैंसिल कर दिया है.रेल मंत्रालय के बाद अब वित्त मंत्रालय ने भी चीन को आर्थिक रूप से गहरी चोट पहुंचाई है. मंत्रालय ने चीन समेत भारत की सीमा से लगे किसी भी देश से पेंशन कोष में विदेशी निवेश पर प्रति’बंध लगाने का प्रस्ताव किया है. पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के नियमन के तहत पेंशन कोष में स्वत: मार्ग से 49 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति है. 

शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, अब सरकार ने एक बदलाव किया है और अब‘‘चीन समेत भारत की सीमा से लगने वाले किसी भी देश की किसी भी निवेश इकाई या व्यक्ति के निवेश के लिये सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी.समय-समय पर जारी एफडीआई नीति का संबंधित प्रावधान ऐसे मामलों पर लागू होगा.’’ सरकार ने इस मसले पर सभी पक्षों से टिप्पणियां मांगी हैं. 

अब अन्य देशों के किसी भी तरह के निवेश सरकार की मंजूरी पर पूरी तरह से निर्भर करेगा. सरकार ने या भी साफ कर दिया है कि जब से अधिसूचना जारी होगी तभी से यह लागू भी हो जायेगा. भारत औऱ चीन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने यह प्रस्ताव जारी किया है. इससे एक बात औऱ साफ होती है कि चीन को अब पूरी तरह से आर्खिक रूप से पटखनी देने की तैयारी में है अपना देश और देना भी चाहिए क्योकि चीन की इस हरकत की वजह से देश के सभी लोग आक्रो’श में है और उनका साफ तौर पर कहना है कि चीन से जुड़े सभी सामान का बहि’ष्कार किया जाये.