आखिर कैसे एक रुपए से होता है अरबों का घोटाला

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रोडवेज बस में तो खैर आप मे से अधिकतर लोगो ने सफर किया ही होगा,मैंने तो ना जाने कितनी बार किया है। कार वार नही है तो करना पड़ता है।

ह्म्म्म,अब सफर में बहुत सी बार क्या होता है कि बस का कंडक्टर हमें एक दो रुपया नही देता और बाद में लेने की बात कहके टिकट के पीछे लिख देता है। बाद में जब हम उतरना होता है तो हमे वो एक दो रुपया मांगने में शर्म आती है और हम चुपचाप बस से उतरके अपने ठिकाने चले आते है।अब हम तो घर चले आते है लेकिन आपने कभी सोचा की आपके छोड़े रुपए का क्या होता है। शायद नही सोचा होगा क्योकि एक रुपए की कीमत तुम क्या जानो बाबू।
वास्तव में कम वजूद का समझके छोड़ा गया एक रुपया ही करोड़ो के घोटाले की वजह बनता है।नही समझे ह्म्म्म,चलो सिम्पल एकदम रपचिक स्टाइल में समझाते है।


एक रोडवेज बस में मैनली 60 लोगो के बैठने की जगह होती है,कुछ खड़े होकर सफर करने वाले लोग भी होते है।लेकिन उन्हें छोड़ो,हम बस 60 की बात करेंगे,सीट पर बैठे 60 लोगों में से लगभग 20 25 लोग ऐसे होते है जो एक दो रुपया छोड़ देते है,पर हम दो रुपए की नही बल्कि एक रुपए की बात करेंगे।
हालांकि मैं खुद 10वी क्लास में मैथ में फेल हूं लेकिन इतना ज्ञान हम भी जेब मे रखके घूमते है।
बस में अगर 25 लोग भी एक रुपया छोड़ते है तो एक फेरे में ही कंडक्टर ने कमाए कुल 25 रुपए।

अब कोई बस वाला 24 घण्टे में कम से कम 4 फेरे करता है यानी अगर वो बस दिल्ली डिपो की है और उसे मेरठ जाना है और वो कम से कम दो बार मेरठ और दो बार दिल्ली जाता है तो उसका कुल चक्कर हो गया चार, अब हर चक्कर के हिसाब से 25 रुपए जोड़ लीजिए।

चार×25= 100यानी एक ही दिन में एक रोडवेज वाला 100 रुपए हमारी गलती की वजह से कमा जाता है।
अब आप कहेंगे कि वो कमा रहा है ये तो अच्छी बात है,उससे मुझे क्या दिक्कत है।

ह्म्म्म असल मे गलत आप नही हो। इस पूरे खेल को समझने के लिए दिमाग के घोड़े थोड़े और दौड़ाते है।

फरवरी को छोड़ दे तो सभी महीनों में 30-31 दिन होते है अब उन्ही 100 रुपए को 30 दिन से जोड़ दीजिए।
यानी ऐसा तो है नही की एक बस महीने में सिर्फ एक ही दिन चलती हो,वो पूरे महीने चलती है और रोज बिना कुछ करे हो रही 100 रुपए की कमाई को अगर 30 से गुना करते है तो आंकड़ा 3000 बैठता है,और अगर 3000 को 12 से गुना करे तो 12 महीनों में एक रोडवेज बस सिर्फ हमारे द्वारा छोड़े गए एक रुपए की बदौलत 36,000 की कमाई करती है। अब इस पड़ताल को थोड़ा और बढाते है।
इंटरनेट को अच्छी तरह खंगालने के बावजूद हमे देश भर में चल रही टोटल रोडवेज बसों का आंकड़ा नही मिल पाया। फिर हमने सोचा कि यूपी में चल रही रोडवेज बसों का ही पता करते है तो हमे उसकी भी कोई पुख्ता जानकारी नही मिल पाई,लेकिन विकिपीडिया पर मौजूद इस जानकारी को सही माने तो यूपी में कुल 12 हजार 194 बसे है।

आप भूल ना जाने इसलिए फिर से याद दिला दूं कि एक बस रोज 100 रुपए की कमाई कराती है तो उस हिसाब से महीने में 3000 बैठता है और अगर साल भर की कमाई निकाले तो ये 36,000 तक पहुँच जाती है।
अब ऐसा तो है नही की सिर्फ एक ही बस ऐसे कमाई करती हो,हर बस में ऐसे ही होता है और बार बार लगातार होता है।
अब आप हर बस की साल भर कमाई को उसकी कुल सँख्या से गुणा करके देखिए।जैसे यूपी में 12हजार 194 बसों को अगर 36,000 से गुणा किया जाए तो जो रकम निकलके सामने आती है वो आपके और हमारे होश उड़ाने के लिए काफी है। चलो आपको जोड़कर दिखाते है।
12,194× 36,000= 438,984,000
संख्या बैठती है कुल तिरयालिस करोड़, उन्यासी लाख, चौरासी हजार
अब आप अंदाजा लगा लीजिये की आपका एक रुपया किसी की जेब कितनी भारी कर देता है। ये तो सिर्फ यूपी के ही आंकड़े है अगर पूरे देश का जोड़ने लगे तो आपका यही एक रुपया अरबो रुपए के घोटाले में अहम भूमिका निभाता नजर आ जायेगा।

और हां, जनाब ये मत सोचिएगा की आपका ये पैसा सरकार के पास जाता है,बिल्कुल नही जाता क्योकि ये मोटा पैसा ड्राइवर कंडक्टर से लेकर अधिकारियों तक रेवड़ी की तरह बंटता है। सवाल इसलिए कोई नही उठा पाता, क्योकि इस पैसे को हम और आप खुद अपनी मर्जी से छोड़कर आते है। याद रखे कि आपका एक एक रुपया बड़ा कीमती है साहब,100 में अगर 1 रुपए ना हो तो वो 100 का नोट नही बन पाता है। सफर के दौरान अपने पास हमेशा खुले पैसे रखे और एक भी रुपया कंडक्टर पर ना छोड़े।
अपने एक एक रुपए की वैल्यू समझिए और देश मे कुछ भी गलत होने से पहले ही उसके हाथ पांव नाक मुँह सब तोड़ दीजिए।