कोसी से मिथिला के दिल को जोड़ने वाले रेल महासेतु के उद्धाटन के बाद बोले अभिनेता संजय मिश्र, ‘दादाजी का सपना साकार हो गया’,केंद्र सरकार से किया ये वादा

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ये तमाम रातें अगर 84 साल की मुक्कमल रातें हो और इंतज़ार अगर बिहार के कोसी महापुल का हो तो आज ये इंतज़ार पूरा हुआ. देश को आज़ाद हुए 74 साल हो गए. आज़ादी के 10 साल पहले से ही जो सपना देखा जा रहा था. उसकी सुध लेने आजतक कोई सामने नही आया था. लेकिन आज उस महापुल का उद्घाटन हुआ है. बिहारियों को एक ऐसी सौगात मिली है. जिसको देखने के लिए कई पीढियां ख’प गईं. ये बिहार के लोगों के लिए किसी राम मंदिर से कम नही है. ये एक नए बिहार की शुरुआत भी है. इसी को लेकर बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्र ने बयान दिया हैं.

मिथिला के रहनेवाले बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि ‘मैं मिथिला का हूं. मिथिला विद्यापति, मधुबनी पेंटिंग्स, लोक संगीत की वजह से जाना जाता है. मेरे दादाजी बताते थे कि 1887 में ब्रिटिश राज में अंगरेजों ने कोसी नदी पर 250 फीट लंबा एक मीटर गे’ज पुल बनाया था. हालाँकि वो पुल 1934 में कोसी में बा’ढ़ और भू’कं’प के चलते बह गया था और तबसे वो ऐसे ही पड़ा था.किसी ने उसपर कोई भी ध्यान नहीं दिया. लेकिन आज जो पीएम मोदी ने किया है वो वाकई में एक सपने का सच होने जैसा हैं.’

संजय मिश्र ने आगे अपने दादाजी को लेकर एक भावुक संदेश दिया हैं. उन्होंने कहा‘अब दादाजी नहीं रहे. लेकिन, उनका सपना साकार हुआ. भारत सरकार ने 2020 में हमारे देश को और बिहार को एक उपहार दिया है ‘कोसी रेल महासेतु’, जो दो किलोमीटर लंबा है.’ बॉलीवुड एक्टर संजय मिश्र ने आगे कहा कि ‘कोसी महासेतु हम बिहारवासियों के लिए एक म’हा’उ’प’ल’ब्धि है. उन्होंने केंद्र सरकार से एक वादा भी किया है. उन्होंने कहा है कि ‘हम वादा करते हैं की हम इसे अपना समझेंगे और इसे संभाल के रखेंगे.’