उन्नाव काण्ड में बड़ा खुलासा : तो इस पार्टी के नेता का था ट्रक, जिसने मारी थी पीडिता की कार को टक्कर

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उन्नाव की गैंग रेप पीडिता लड़की की हालत नाजुक बनी हुई है, ट्रक से कार की टक्कर होने के बाद पीडिता के दो परिवार वालों की मौत हो गयी वहीँ पीडिता और उनका वकील अभी भी जिन्दगी से जंग लड़ रहें हैं. आरोप लग रहा है या मीडिया ट्रायल में कहा जा रहा है कि ये दुर्घटना नही है बल्कि हत्या है साजिश है. हालाँकि ये जांच का विषय है. इसकी जांच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी ही चाहिए.

उन्नाव की पीडिता को उस वक्त एक ट्रक ने टक्कर मार दी जब वो रायबरेली हाईवे से होते हुए उन्नाव आ रही थी. टक्कर मारने के बाद ट्रक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, ट्रक की नंबर प्लेट पर कालिख पोती गयी थी. शुरुवात में ये पता लगाना बहुत मुश्किल हो गया था कि आखिर ये ट्रक है किसका.. लेकिन अब ट्रक से जुडी जानकारी सामने आ गयी है. ट्रक मालिक, ड्राईवर, क्लीनर सबसे पूछताछ हो चुकी है. उत्तर प्रदेश पुलिस बड़ी ही गंभीरता से इस मामले की छानबीन में जुटी हुई है.

पता चला है कि ट्रक का मालिक समाजवादी पार्टी का नेता है. जी हाँ रविवार दोपहर रायबरेली हाईवे पर जिस ट्रक ने उन्नाव रेप पीड़िता समेत उसके परिजनों की कार को टक्कर मारी थी वो फतेहपुर के समाजवादी पार्टी नेता और पार्टी के पूर्व जिला सचिव नंद किशोर पाल उर्फ नंदू का है. हालांकि इस मामले में सपा नेता का कहना है कि यह महज एक हादसा है. इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है. उनका कहना है कि ट्रक के नंबर प्लेट पर ग्रीस पोतने की वजह केवल फाइनेंसर की नजरों से बचना था.

जानकारी के मुताबिक सपा नेता नंदू कुल 4 भाई हैं और उनके पास कुल 27 ट्रक हैं. नंदू अपने दूसरे नंबर के भाई देवेंद्र किशोर के साथ मिलकर ट्रक चलवाते हैं, जिस ट्रक से हादसा हुआ, वो घटना के दिन रायबरेली में मौरंग उतारने के बाद फ़तेहपुर लौट रहा था. हालाँकि इस पूरे मामले में पुलिस की फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है. साथ ही ट्रक ड्राइवर, क्लीनर, ट्रक मालिक, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके साथियों के मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है. बताया गया कि यह पता करने की कोशिश हो रही है कि क्या ट्रक ड्राइवर, मालिक, क्लीनर और बीजेपी विधायक व उनके सहयोगियों के बीच किसी तरह की जान-पहचान रही है कि नहीं, मतलब इस केस में उत्तर प्रदेश हर पहलू से जांच कर रही हैं अगर ये साजिश है तो ये बेनकाब भी होगी.

एडीजी के अनुसार जिस वक्त टक्कर हुई उस वक्त भारी बारिश हो रही थी. दोनों गाड़ियों की टक्कर आमने-सामने से हुई है और ट्रक ड्राईवर के साथ साथ ट्रक मालिक से भी पूछताछ हुई है.

पीड़िता की चाचा की तरफ से कराई गई FIR में विधायक सेंगर और उसके भाई मनोज सेंगर का नाम भी शामिल है. एफआईआर में में कुल 10 लोगों के नाम शामिल हैं, वहीं करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दायर किया गया है. पुलिस ने केस हत्या, हत्या की कोशिश और अपराधिक साजिश के तहत धारा 302, 307, 506 120बी में दर्ज किया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश बढ़ा दी है. इसके साथ ही साथ घटनास्थल में फोरेंसिक टीम भी पहुँच चुकी है जो नमूने और सबूत इकट्ठे कर रही है. ब्रेक लगने के बाद सड़क पर घिसे टायर के निशान की भी जांच की जायेगी इससे गाडी के स्पीड का पता चल सकेगा. वहीँ दुर्घटना होने के बाद ट्रक के पहिये अलग हो गये थे. खबर तो ये भी है कि कुलदीप सेंगर फिलहाल सीतापुर जेल में बंद है और अब सेंगर को किसी और जेल में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है.

वहीँ इस मामले को लेकर राजनीति भी खूब रही है. बैठे बिठाए नेताओं को राजनीति करने का एक और मौका मिल गया है. लखनऊ और दिल्ली दोनों जगह पर प्रदर्शन हो रहे है. इस पूरे घटना को साफ़ करने के लिए योगी सरकार ने सीबीआई जाँच की मांग की है. सीबीआई पहले से ही इस रेप काण्ड की जांच कर रही है. सीबीआई ने ही सेंगर को गिरफ्तार कर जेल में डाला था.

पीड़ित लड़की को इंसाफ मिलना चाहिए, दोषी जो भी हो, साजिशकर्ता जो भी हो उसे सजा मिलनी चाहिए.