कांग्रेस नेताओं की आपस की आंतरिक कलह आयी सामने एक ने कर दी मोदी की तारीफ तो दूसरे ने..

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मोदी सरकार ने अभी हाल ही में जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म करके केंद्र शासित राज्य बनाया था. भारत सरकार के इस फ़ैसले का कई लोगों ने विरोध किया, जिसमें एक ब्रिटिश की सांसद भी शामिल थी. अब भारत सरकार ने ब्रिटिश सांसद डेबी अब्राहम्स को दिल्ली एयरपोर्ट से वापस भेज देते हुए बड़ा झटका दे दिया. सरकार ने इस बात की घोषणा पहले ही कर दी थी इसके बावजूद भी वह भारत आयी और फिर उन्हें लौटा दिया गया.

जानकारी के लिए बता दें मोदी सरकार के इस कदम के बाद कांग्रेस पार्टी में सियासी घमासान मच गया है. जी हाँ एक तरफ कांग्रेस पार्टी के लोग भारत सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं और इसे असहिष्णु तक बोल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी हित से ऊपर उठते हुए मोदी सरकार के इस फ़ैसले का समर्थन किया है.

जी हाँ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि “भारत की ओर से डेबी अब्राहम्स को वापस भेजना जरूरी था. वो सिर्फ एक ब्रिटिश सांसद नहीं थीं, बल्कि वो उस पाकिस्तान की हिमायती थीं जो वहां की सरकार, ISI के लिए काम करने के लिए जानी जाती हैं. भारत की संप्रभुता पर हमला करने की कोशिश को नाकाम करना जरूरी है.” तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने इसका उल्ट लिखा है.

शशि थरूर ने कल 17 फरवरी को डेबी अब्राहम्स को वापस भेजने के चलते सरकार पर सवाल उठाये. थरूर ने कहा था कि भारत में ऐसे लोगों को प्रवेश न देने से भारत को एक संकीर्ण दिमाग और और असहिष्णु वाला देश समझा जाएगा जोकि सही नहीं है. गृह मंत्रालय के अनुसार डेबी को पहले ही उनका ई-वीजा रद्द करने की जानकारी दे दी गयी थी, इसके बावजूद भी वह वहां पहुंची जिसके बाद उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से ही वापस जाना पड़ा. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ये साफ ही नहीं कर पा रही है कि उसका स्टैंड क्या है?