दबंग फिल्म के निर्देशक अभिनव कश्यप ने खोली सलमान खान और यशराज फिल्म्स की पोल, कहा ‘ये कैरियर बर्बाद कर देते हैं’

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सुशांत सिंह राजपूत की मौ’त के बाद बॉलीवुड मे खेमेबाजी और नेपोटिज्म के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है. आवाज उठने लगी है बॉलीवुड के उन फिल्म माफियाओं के खिलाफ जो बॉलीवुड को अपनी बपौती समझते हैं. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग जिनका बरसों से शो’षण होता रहा, वो सुशांत की मौ’त के बाद अब मुखर हो रहे हैं. कंगना रनौत. निखिल द्विवेदी, शेखर कपूर के बाद अब दबंग के निर्देशक अभिनव कश्यप ने बॉलीवुड के फिल्म माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोला है. अभिनव ने सलमान खान परिवार और यशराज फिल्म्स का कच्चा चिटठा खोलते हुए काफी गंभीर आरोप लगाये और कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. अभिनव कश्यप ने फेसबुक पर काफी लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा और ये भी कहा कि इस पोस्ट को मुंबई पुलिस उनके बयान के तौर पर इस्तेमाल करे.

फेसबुक पर बॉलीवुड के फिल्म मा’फियाओं का कच्चा चिटठा खोलते हुए अभिनव कश्यप ने कहा कि ये लोग कैरियर बनाते नहीं बल्कि बर्बाद करते हैं. अगर इनके हिसाब से नहीं चलोगे तो ख़त्म हो जाओगे. उन्होंने ये भी बताया कि कैसे दबंग के दौरान सलमान खान और उनके परिवार ने अभिनव कश्यप को ख़त्म करने की कोशिश की. अपने फेसबुक पोस्ट में दबंग के निर्माण के दौरान अपने अनुभवों को बयान करते हुए अभिनव ने बताया कि ‘दबंग की मेकिंग के समय मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जब अरबाज खान, सोहेल खान और उनके परिवार ने सिर्फ़ मुझे धम’काकर ड’राया करते थे, बल्कि ये लोग मेरे करियर तक को कंट्रोल करना चाहते थे. अरबाज़ ने इसके बाद मेरी दूसरी फ़िल्म का प्रोजेक्ट भी अपनी पावर का इस्तेमाल कर छिन लिया था, जिससे मुझे  नुक़सान हुआ और दबंग की रिलीज़ के वक़्त मुझे नेगेटिव फ़्रेम कर मेरी पब्लिसिटी की गई.

अभिनव ने बड़े प्रोडक्शन हाउस पर निशाना साधते हुए कहा कि नए कलाकारों को बॉलीवुड के ‘शिकारियों’ से बचाने के नाम पर कई सालों का कॉन्ट्रैक्ट साइन करा लिया जाता है. उनके पास हस्ताक्षर करने के अलावा शायद ही कोई विकल्प होते हों क्योंकि इसके लिए सभी तिकड़म आजमाए जाते हैं. इन कॉन्ट्रैक्ट्स को तोड़ना वित्तीय रूप से भी अभिनेताओं के लिए ठीक नहीं होता. एक बार उन्होंने साइन कर दिया तो फिर उन्हें काफ़ी कम रुपए देकर उनसे बँधुआ मजदूर की तरह काम लिया जाता है. अगर वो उनके चँगुल से किसी तरह निकल भी जाएँ तो उनका पूर्ण बायकॉट कर दिया जाता है. फिल्म माफिया उसके बाद नए कलाकारों का इस हद तक मानसिक शोषण करते हैं कि उनका हौसला और उम्मीदें सब टूट जाती है. सपने टूट जाते हैं. फिर उसके पास सुशांत जैसा कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.

यशराज फिल्म्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए अभिनव कश्यप ने कहा YRF (यशराज फिल्म्स) एजेन्सी ने शायद सुशांत सिंह को यह क़दम उठाने के लिए आगे प्रेरित किया है और इस मामले की इस एंगल से भी जांच होनी चाहिए. इस तरह की एजेन्सी आर्टिस्ट का करियर बनाती नहीं बल्कि बिगाड़ती हैं. मैंने ख़ुद ऐसा लम्बे समय तक महसूस किया है. ये बिना बोले हुए कोड ऑफ कंडक्ट (Code of Conduct) हैं. ये एजेन्सी आर्टिस्ट को साइन करने के बाद खूब मनमानी करती है. उन्होंने अपनी पोस्ट में ये भी लिखा कि मुंबई पुलिस इस पोस्ट को मेरे स्टेटमेंट के रूप इस्तेमाल कर सकती है और जांच को आगे बढ़ा सकती है.