आजाम खान के बेटे की सोच कुछ ऐसी जया प्रदा के बारे में

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इस चुनावी मौसम में बयानबाजी और आरोप प्रत्यारोप कोई नयी बात नहीं है.. इस मौसम में कई दोस्ती और कई  दुश्मनी निकल कर सामने आती है… और कई दुश्मनी दोस्ती में बदल जाती है…. वैसे अगर बयानों और दुश्मनी की बात जब हम कर रहे है और वो भी चुनावी मौसम में तो हम जाया प्रदा और आजम खान को कैसे भूल सकते….. वैसे हाल ही में जया प्रदा पर उनके ‘अंडरवियर’ वाले कमेन्ट के लिए अभी हाल में ही काफी निंदा हुई है…

अब उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म खान के एक बयान ने यह साबित कर दिया है कि आज़म खान के बेटे उनके ही नक़्शे कदम पर चल रहे हैं…वैसे इस चुनावी दंगल में  आज़म खान समाजवादी पार्टी से और जया प्रदा  भाजपा से खुद की किस्मत आजमा रहे है….कुछ लोगों का यह कहना है कि जाया प्रदा रामपुर से बस इसलिए चुनाव में खड़ी हुई है क्योंकि उनकी आजम खान से पुरानी रंजिस है….. वैसे आपको बताते है कि अब्दुल्लाह आज़म खान ने जया प्रदा के लिए क्या वाहियात बयान दिया है…..रामपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्लाह आज़म खान ने कहा,

अली भी हमारे, बजरंग बली भी चाहिए, लेकिन अनारकली नहीं चाहिए’.

वैसे आपको याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ ने कहा था,

अगर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बीएसपी को अली पर विश्वास है, तो हमें भी बजरंग बली पर विश्वास है’….

इस पर मायावती ने भी पलटवार कर जवाब दिया था कि उनके अली भी हैं और बजरंग बली भी.

ये अली और बली वाला बयान उधर से ही आ रहा है जिसके बारे में अब्दुल्लाह आज़म खान ने कहा. लेकिन इस बीच में अनारकली को लाना थोड़ा अटपटा है.. यह साफ़-स्सफ झलक रहा है कि उनका इशारा जया प्रदा की तरफ था…

वैसे अगर सोचा जाए तो अनारकली क्यों बोला उन्होंने … शायद इसलिए  तो नहीं की उनके पिता ने जाया प्रदा को नचनिया बोला था… तो हो सकता है अब्दुल्लाह आज़म खान ने सोचा होगा की अनारकली भी नाचती थी और यह नाम थोडा अली से मिलता जुलता है … अब्दुल्लाह ने ये भी सोचा होगा कि यह बात जनता को भाएगी और लोग सबा में तालियाँ बजायेंगे..

बहरहाल अगर ये जया प्रदा को अनारकली बोल कर नीचा दिखाना चाह रहे है तो वो शायद यह भूल रहे हैं कि अनारकली कोई अंजोर औरत नहीं थी … भले वो अकबर के दरबार की एक कनीज़ थी लेकिन उसके हिम्मत और ज़ज्बे की मिशाल लोग आज तक देते है…

वैसे आपको बता दें कि आजम खान हाल में जयाप्रदा के बारे में एक विवादित बयान देकर पहले ही सुर्खियों में आ चुके हैं…. इस बयान के लिए चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था……

वैसे सोचने वाली बात यह है कि राजनीति में आज़म खान और उनके बेटे इतना अधिक दर गए है … की उस औरत की हर दूसरी पहचान को लोगों के सामने लाकर उसे बेईज्ज़त कर रहे हैं शर्म ….

हालांकि इस पूरे मामले में जया प्रदा का भी बयान आ गया है… उन्होंने कहा कि जैसा बाप, वैसा बेटा…… पिता तो इस तरह अक्सर बोलते हैं लेकिन मैंने सोचा बेटा पढ़ा-लिखा है…. लेकिन वह भी तो उसी परिवार से है….. उनको औरतों की इज्ज़त आती ही नहीं है…….