रामपुर से समाजवादी पार्टी से सांसद और पूर्व सरकार में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. इस समय आजम और उनका परिवार सीतापुर जेल में दो पैन कार्ड और दो पासपोर्ट के साथ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में जेल में है. वहीं आजम खान पर जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास कब्जाई गयी जमीन के कई मामले चल रहे हैं. जेल में बंद आजम को एक के बाद एक बड़ा झटका लगता जा रहा है. इस समय बड़ी खबर आजम और उनके परिवार को लेकर आ रही है.

जानकारी के लिए बता दें रामपुर कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. ADJ-6 की कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है. बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने इस मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तंजीन फातिमा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था.

आजम खान के वकील ने कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद बताया कि आज 4 मामलों में जमानत पर सुनवाई हुई जिसमें तीन मामले पासपोर्ट और पैनकार्ड से संबंधित थे, इन तीनों ही मामलों में कोर्ट ने जमानत की याचिका को ख़ारिज कर दिया. वहीं एक अन्य मामले में आजम खान को जमानत मिल गयी है जोकि केस यतीमखाने से संबंधित था. मंगलवार को आजम को 2 मामलों में जमानत मिल गयी थी लेकिन बुधवार को हुई सुनवाई में उन्हें बड़ा झटका लगा है.

गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व सरकार में जल निगम में हुई भर्ती को लेकर अनियमितता बरतने के आरोप में आजम खान दोषी पाए गये जिसकी जांच SIT कर रही थी. जिसके बाद सरकार ने समाजवादी सरकार में हुई जल निगम भर्ती को रद्द कर दिया है. इतना ही नही योगी सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को भी अपने अंडर में लेने के लिए तैयारी कर रही है. एक के बाद एक लग रहे झटकों से आजम की मुसीबतें और बढ़ती जा रही हैं. दरअसल आजम के पुत्र अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र बने हुए हैं. एक आजम और उनकी पत्नी तंजीन के शपथ पत्र के बाद 28 जून 2012 को नगरपालिका परिषद रामपुर से जारी किया गया था और एक दूसरे का जन्म्थान लखनऊ के क्वीन मैरी हॉस्पिटल के बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर लखनऊ नगर निगम से 21 जनवरी 2015 को जारी करवाया गया था. इसी मामले को लेकर बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने मुकदमा दर्ज करवाया था.