केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से पीएम मोदी ने देश की जनता को एक के बाद एक बड़ी सौगात दी है और कई बड़े फ़ैसले लिए हैं, जिन्होंने देश ही नहीं पूरी दुनिया में नाम किया है. एक तरफ केंद्र सरकार जनता को एक बाद एक बड़े तोहफे दे रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी शासित राज्य सरकारें भी फ़ैसले लेने से पीछे नहीं हट रही हैं. अब एक बार फिर असम की बीजेपी की सरकार ने अपने राज्य की जनता को लेकर बड़ा फैसला लिया है.

जानकारी के लिए बता दें देश की बढ़ती जनसँख्या को देखते हुए असम की बीजेपी की सरकार ने भी दो से ज्यादा बच्चे करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं देने समेत कई लाभों से वंचित करने का फैसला लिया था. असम सरकार इस फ़ैसले को लेकर चर्चा में आ गयी थी. अब असम सरकार ने अपने आखिरी वजट को पेश करते हुए कई बड़े फ़ैसले लिए हैं.

वित्त मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को लोगों को कई तरह के नकद प्रोत्साहन देने की घोषणा की है, जिसमें 27 लाख गरीब परिवारों को 10000 रूपये की वार्षिक मदद के साथ 58 लाख परिवारों को मुफ्त में चावल देने की बात कही है. इतना ही नहीं असम की बीजेपी सरकार ने 30 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली देने की भी घोषणा की है.

गौरतलब है कि असम सरकार ने राज्य की राजधानी में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों और बेरोजगार युवाओं के लिए मुफ्त में बस यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साल 2020-21 के लिए 1249.50 करोड़ रूपये घाटे का बजट प्रस्तुत किया है. इसी के साथ पेट्रोल और डीजल के करों में पैसे की कटौती की घोषणा की है. इतना ही नहीं किसानों को चाय उद्योग के लिए कृषि आयकर में छूट देने की भी बात रखी है. असम की बीजेपी सरकार ने एक के बाद एक करके अपने राज्य की जनता के लिए सौगातों की बौछार कर दी है.