AAP सरकार के मंत्री ने राम और कृष्ण पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, बवाल होने पर बोले अकाउंट हैक हुआ

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“अगर राम और कृष्ण तुम्हारे पूर्वज थे तो उन्हें इतिहास में क्यों नहीं पढ़ाया जाता? पूर्वजों का इतिहास होता है जबकि राम और कृष्ण का कोई प्रमाणिक इतिहास नहीं है. यह पौराणिक कथाएं है, ऐतिहासिक नहीं. जबकि पेरियार का दृष्टिकोण प्रमाणिकता और तार्किकता के आधार पर था”. ये शब्द हैं दिल्ली के एक मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता राजेन्द्र पाल गौतम का. उन्होंने ये बातें अपने ट्वीट में लिखी है.

जब राजेन्द्र पाल गौतम चारो तरफ से घिर गए तो उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया और कहने लगे कि किसी ने अकाउंट हैक कर लिया था. हमारे लिए सभी धर्म बराबर हैं और सभी धर्मों का आदर करते हैं. लेकिन ये पेरियार के चेले सभी धर्मों का कितना आदर करते हैं उसकी कलई तो बस एक ट्वीट में ही खुल गई.

राजेन्द्र गौतम जिस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं उस पार्टी और उससे जुड़े लोगों को बिमारी है हर चीज का सबुत मांगने की. कभी इन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का सबुत चाहिए, कभी इन्हें एयर स्ट्राइक का सबुत चाहिए तो कभी उन्हें राम और कृष्ण का सबुत चाहिए.

राजेन्द्र गौतम की बातें हिन्दुओं को भड़काने वाली थी और हिन्दू भड़के भी. ट्विटर पर “एंटी हिन्दू AAP” ट्रेंड करने लगा. आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने राजेन्द्र गौतम को लताड़ लगाते हुए कहा, “संतोष कोली के बलिदान की मलाई चाट रहे, सीमापुरी के ये MLA,आत्ममुग्ध बौने के मंत्री हैं ! राम-कृष्ण के होने का देश से सबूत माँग रहे हैं. तुम्हारे आका ने सेना से शौर्य के सबूत माँगे थे,तो लोकसभा में लोगों ने दिए थे, तुमने राम-कृष्ण के माँगे हैं,प्रतीक्षा करो विधानसभा में मिल जाएँगे”.

सवाल ये है कि ऐसे लोगों को ये इतनी हिम्मत आती कहाँ से है कि ये हिन्दू देवी देवताओं और प्रतीकों का इस तरह से अपमान कर देते हैं. इन्हें हिम्मत मिलती है लिबरल और वामपंथी मीडिया से. आप कल्पना कीजिये अगर यही बात किसी ने अल्लाह के बारे में कह दी होती तो क्या होता? अभी तक वामपंथी मीडिया आर्टिकल और डिबेट की बैछार कर ऐसा कहने वाले को एंटी मुस्लिम और साम्प्रादायिक घोषित कर चूका होता. फतवा निकल चुके होते. कोई सिर काटने पर इनाम की घोषणा कर चूका होता. लेकिन एक राज्य के सत्ताधारी पार्टी का मंत्री हिन्दू देवताओं के बारे में कुछ भी कह देता है और कोई शोर नहीं होता. होगा भी क्यों, हिन्दू वोट बैंक थोड़े ही न है.

याद कीजिये लोकसभा चुनाव के वक़्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने एक तस्वीर ट्वीट किया था जिसमे एक आदमी झाडू लिए पीछे से खदेड़ रहा था और स्वस्तिक आगे आगे भाग रहा था. बवाल हुआ लेकिन बेशर्म केजरीवाल और अभिमानी केजरीवाल ने इसपर माफ़ी तक नहीं मांगी थी. लेकिन लोकसभा चुनाव में किसने किसको खदेड़ा ये सब ने देखा. सतर्क रहिये ऐसे लोगों से और इन्हें सबक सिखाइए वरना ये आपके धर्म और आपके प्रतीकों का यूँ ही अपमान करते रहेंगे औत्र सब कुछ सहने के बावजूद भी असहिष्णु भी आप ही कहलायेंगे. .