ट्रेन में नहीं मिली सीट तो परेशान युवक ने घर जाने के लिए उठाया ये बड़ा कदम !

देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है. सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. पिछले दिनों को देखा जाये तो ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा है जब 7 और 8 हजार से ज्यादा मरीज न बढ़ रहे हो. देश में मरीजों की संख्या 2 लाख के पार पहुंच चुकी है. देश में लॉकडाउन 5 लागू हो चुका है जोकि 30 जून तक जारी रहेगा.

जानकारी के लिए बता दें देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से आम लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा है. हालाँकि सरकार ने अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलवाकर उन्हें उनके घर तक पहुँचाने का काम किया जोकि अभी भी जारी है. फिर भी देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जोकि ट्रेनों में सफ़र नहीं कर पाए और पैदल ही अपने घर की तरफ चल पड़े तो कुछ लोगों ने घर जाने का दूसरा रास्ता ढूँढा.

लॉकडाउन में घर जाने के बीच लल्लन नाम के पेंटर की कहानी आपको हैरान कर देगी. दरअसल लल्लन ने ट्रेन में जगह न मिलने पर परेशान होकर बड़ा कदम उठाया. गाज़ियाबाद का रहने वाला लल्लन अपने निकटम रेलवे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन में चढ़ने के लिए करिब३-4 दिन तक अपनी बारी का इंतजार किया लेकिन उसे जगह नहीं मिली और फिर उसके सब्र का बांध टूट गया और वह सीधे बैंक जा पहुंचा. लल्लन ने बैंक में जमा की अब तक की अपनी सारी बचत 1,9 लाख रूपये निकाल लिए.

गौरतलब है कि बैंक से पैसे निकालने के बाद लल्लन सीधे सेकेंड हैंड कार डीलर के पास जा पहुंचा और वहां 1.5 लाख रूपये की कार खरीदकर अपने परिवार को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गया. गोरखपुर के कैथोलिया गाँव के निवासी लल्लन ने कहा ‘मैंने और मेरे परिवार ने कई बार कोशिश की बस या ट्रेन में जगह मिल जाए. लेकिन बस में काफी भीड़ रही. ऐसे में परिवार के संक्रमित होने का खतरा था, क्योंकि वह बस में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किये बिना ही यात्रा करते.’ इसके आगे उसने कहा कि ‘मुझे पता है कि मैंने सारी बचत लगा दी है, लेकिन कम से कम मेरा परिवार सुरक्षित है.’ 29 मई को गाजियाबाद से निकलने के बाद वह 14 घंटे की यात्रा करके अपने गाँव पहुंच गया. फ़िलहाल में वह क्वारंटाइन है.