लॉकडाउन में फंसे बेटे को निकालने के लिए इस मां ने किया ऐसा कारनामा कि बन गया मिसाल

30584

कोरोना के चलते पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. भारत में सरकार इस महामारी से बचने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है जिससे लोगों को सी बीमारी से बचाया जा सके. कोरोना के चलते पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है और साथ ही लोगों से सरकारें लगातार अपील कर रही हैं कि वह अपने घरों में रहें और आसपास के लोगों से दूरी बनाकर रखें. इसके बावजूद भी हालात हर दिन बिगड़ते जा रहे हैं. इसी बीच एक ऐसी खबर आ रही है जो हर किसी को चौंका सकती है.

वो कहते हैं न कि एक मां अपने बच्चे के लिए क्या नही कर सकती है ठीक वैसा ही इस मां ने किया. दरअसल कोरोना के चलते पूरे देश में चल रहे 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान तेलंगाना के निजामाबाद की रहने वाली एक महिला आंध्रप्रदेश के नेल्लोर ने फंसे अपने बेटे को लेने के लिए स्कूटी से ही निकल पड़ी. इस दौरान महिला ने जितना सफ़र किया वो जान आप भी विचलित रह जाओगे.

1400 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद आखिरकार महिला अपने बेटे को घर वापस लाने में सफल रही है. अपने इस साहसपूर्ण काम की वजह से महिला शिक्षिका की हर तरफ तारीफ हो रही है और लोग कह रहे हैं कि एक माँ ही है जो अपने बेटे के लिए हर मुसीबत से लड़ सकती है. रजिया ने लॉकडाउन के दौरान बाहर निकलने के लिए पुलिस से अनुमति ले ली थी.

गौरतलब है कि निजामाबाद से नेल्लोर तक की यात्रा पर निकली महिला को कई जगह अधिकारियों ने रोका भी लेकिन वो अपनी परेशानी और परमिशन दिखाते हुए अपने बेटे के पास पहुंच गयी और उसे वापस लाने में सफल रही. रजिया का बेटा निजामुद्दीन हैदराबाद में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करता है. रजिया ने बताया कि नेल्लोर पहुंचने के लिए उसे जंगलों से भी गुजरना पड़ा लेकिन रजिया ने बताया कि उसके दिमाग में एक ही ख्याल था कि उसे अपने बेटे को वापस लाना है और वही सोचते हुए वो चलती गयी.