वाराणसी। प्राथमिक विद्यालय कोनिया को लेकर सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवालों के बीच जब मामले की जमीनी पड़ताल की गई तो तस्वीर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों से कुछ अलग सामने आई। मौके पर पता चला कि विद्यालय बंद नहीं है, बल्कि जर्जर भवन से स्थानांतरित किए जाने के बाद दूसरे भवन में संचालित हो रहा है। वर्तमान में यहां 52 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत प्राथमिक विद्यालय कोनिया के पुराने भवन का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी विद्यालय को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि स्कूल बंद है, लेकिन U-DISE पोर्टल पर अब भी विद्यालय ‘ऑपरेशनल’ यानी संचालित दिख रहा है। उन्होंने इसे लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे।
2023 में जर्जर भवन से किया गया था स्थानांतरण
मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए द चौपाल के रिपोर्टर जब मौके पर पहुंचे तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। प्राथमिक विद्यालय कोनिया के पुराने भवन की छत जर्जर अवस्था में थी और वर्ष 2023 में छत गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय को वहां से बंद कर दिया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विद्यालय को पास के दूसरे भवन में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से विद्यालय का संचालन नए स्थान से किया जा रहा है।
वर्तमान में दूसरे भवन में 52 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यानी विद्यालय पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, बल्कि केवल उसका भवन बदला गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी दी थी स्थिति की जानकारी
मामले को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वाराणसी भूपेंद्र सिंह की ओर से भी प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी। इसमें विद्यालय की स्थिति और उसके दूसरे भवन में संचालन को लेकर जानकारी दी गई थी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि पुराने भवन की जर्जर स्थिति के कारण विद्यालय को वहां से स्थानांतरित किया गया था और वर्तमान में विद्यालय का संचालन दूसरे भवन से किया जा रहा है।

पुराने भवन के पुनर्निर्माण में कोर्ट का स्टे बना बाधा
पुराने जर्जर भवन को ध्वस्त कर उसके स्थान पर नए भवन के निर्माण की योजना थी। हालांकि, इस मामले में न्यायालय में विवाद पहुंच गया। न्यायालय की ओर से निर्माण संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाए जाने के बाद पुराने भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इसके चलते न तो जर्जर भवन को हटाया जा सका और न ही वहां नए भवन का निर्माण हो पाया। यही वजह है कि विद्यालय का पुराना और जर्जर भवन आज भी मौके पर दिखाई देता है।
U-DISE पर ‘ऑपरेशनल’ क्यों दिख रहा स्कूल?
विद्यालय के U-DISE पोर्टल पर ‘ऑपरेशनल’ दिखने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, विद्यालय का संचालन दूसरे भवन में जारी होने के कारण उसका U-DISE पोर्टल पर सक्रिय यानी ‘ऑपरेशनल’ दिखना स्वाभाविक है। दरअसल, विद्यालय का भवन बदला है, लेकिन विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। विद्यार्थी दूसरे भवन में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं।

सोशल मीडिया की तस्वीर और ग्राउंड रिपोर्ट में अंतर
पुराने जर्जर भवन की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह धारणा बनी कि प्राथमिक विद्यालय कोनिया बंद पड़ा है। हालांकि, मौके पर की गई पड़ताल में सामने आया कि विद्यालय दूसरे भवन से संचालित हो रहा है और वहां 52 बच्चे पढ़ रहे हैं। इस तरह, प्राथमिक विद्यालय कोनिया को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर नजर आता है।
