ऊर्जा भारत 2026 : हरित ऊर्जा को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान, विशेषज्ञों ने रखा विकसित भारत का विजन

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ग्रेटर नोएडा, 25 जुलाई 2026।

हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर व्यापक मंथन के उद्देश्य से “ऊर्जा भारत 2026 – नेशनल ग्रीन एनर्जी समिट” का आयोजन 25 जुलाई 2026 को ग्रेटर नोएडा में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन CredTech द्वारा किया गया, जबकि एमसीएल (MCL) इस सम्मेलन के मुख्य प्रायोजक रहे। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, समाजसेवियों, उद्यमियों, शिक्षाविदों एवं युवाओं सहित पचास से अधिक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। सम्मेलन के दौरान हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा सुरक्षा, जल संरक्षण, टिकाऊ विकास तथा विकसित भारत के निर्माण में स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।

सम्मेलन के प्रमुख वक्ताओं में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अपनी सेवाएं दे चुके मुनि शंकर पाण्डेय, विजन विकसित भारत के नेशनल कन्वीनर शिवेश प्रताप, प्रख्यात फिल्म समीक्षक रुद्र शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी सुनील नागर, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए “पॉन्डमैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर, पत्रकार सौरभ पाण्डेय शौर्य तथा वरिष्ठ समाजसेवी, व्यवसायी एवं उद्यमी अश्विनी बत्रा शामिल रहे।

अपने संबोधनों में वक्ताओं ने कहा कि भारत आज ऊर्जा परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जैव ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भारत के पास हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की अपार संभावनाएं हैं।

वक्ताओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित हरित ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों का उल्लेख करते हुए “Reduce, Reuse, Recycle (RRR)” के सिद्धांत को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेगी।

पॉन्डमैन ऑफ इंडिया रामवीर तंवर ने जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन तथा जनसहभागिता आधारित पर्यावरण अभियानों के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। अन्य वक्ताओं ने भी युवाओं, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों को हरित ऊर्जा अभियान का सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।

सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब ऊर्जा उत्पादन और उपभोग दोनों में पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों ने हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने, ऊर्जा संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी वक्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि “ऊर्जा भारत 2026” हरित ऊर्जा और सतत विकास की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक सार्थक पहल सिद्ध होगा तथा विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।