मोदी विरोध में सामने आये 600 कलाकार, वोट ना देने की अपील की

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माहौल चुनावी है, चुनावी गंगा में डुबकी लगाने को लोग तैयार हैं। फिज़ाओ में बहती चुनावी हवा के बीच जहां विपक्ष हाथ धोकर सरकार के पीछे पड़ा हुआ है। झूठी चाशनी में भी तड़का लगाकर उसे ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे विपक्ष जो बोल रहा है वही सच है।  सत्ता पक्ष भी अपने आपको पाक साफ दिखाने में जुटा हुआ है। नेताओ के एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में आने का सिलसिला भी दबाके जारी है।
ये सब छोड़िए,आपको पता है बीजेपी की सत्ता से विदाई कराने के लिए बहुत सारे लोग सामने आए है और वो सीना चौड़ा करके कह रहे हैं कि मोदी सरकार के दौरान देश में माहौल बहुत खराब हो गया है और इसको अगर जल्दी ही ना रोका गया तो दिक्कत हो जाएगी।

इन लोगों का कहना है कि देश की अवधारणा खतरे में है और इसको बचाने के लिए लोगों को आगे आना होगा। यहां आपके लिए ये भी जानना बहुत ज़रूरी है कि मोदी सरकार का खुलेआम विरोध करने के लिए 600 कलाकारो की जो जमात तैयार उनमें वो लोग भी शामिल है जिन्हें देश में डर लगता है,अरे बॉस मैं नसीरूदीन शाह की बात कर रहा हूँ, उनके अलावा विरोध करने वालों में अमोल पालेकर,गिरीश कर्नाड,एमके रैना,उषा गांगुली जैसे फेमस लोग शामिल है। इनकी तरफ से एक भारत की अवधारणा को खतरा बताते हुए एक चिट्ठी तैयार की गई है जिसमे कहा गया है कि आज देश नृत्य,हास्य,गीत, खतरे में है और जहां से इंसान को इंसांफ मिल सकता है उन तमाम संस्थाओं का सरकार ने गला घोंट दिया है।

इसके अलावा इस चिट्ठी में लिखा गया है कि कोई भी सवाल जवाब करने का चलन इस सरकार में खत्म हो गया है,सब परेशान है। इसलिए अब वक्त बदलाव का है। 600 कलाकारों ने इस चिट्ठी में हस्ताक्षर करके आम जनता से आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी को वोट ना देने की अपील की है।वैसे इस तरह की ये नई अपील नही है बल्कि पिछले सप्ताह भी आनंद पटवर्धन,सनल कुमार शशिधरण और देवासीष मखीजा जैसे फिल्मकारों ने एक अपील करके लोगों को फांसीवाद से हटाने की बात कही थी।


देखिए साहब,आप इस बात को समझिए कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे इस तरह के लोग और उनकी बातें सामने आती ही रहेगी क्योकि मोदी विरोध का ये नया तरीका सामने आया है।वैसे मेरे समझ में ये नही आता कि जिन्हें देश में डर लगता हूँ उन्हें देश के मतदाताओं को प्रभावित करने का अधिकार हम क्यों दे।बाकी,वोट आपका है और फैसला भी अब आपके हाथ में है कि सही और गलत में अच्छे से फर्क समझकर वोट डालने जाए।